नौरा में लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता का पार्थिव शरीर देखकर विलाप करतीं बेटियां और अन्य। -स्रोत : जा
धीरा (कांगड़ा)। भारतीय सेना की 19 पंजाब रेजिमेंट में तैनात मतेहड़ (नौरा) के जांबाज लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। अंडमान निकोबार में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया है। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नौरा पहुंचा तो पूरा क्षेत्र भारत माता की जय और अनुपम मेहता अमर रहे के नारों से गूंज उठा।
गांव के बलोटी श्मशानघाट पर अनुपम मेहता को उनके बेटे नैतिक ने मुखाग्नि दी, जबकि सेना की टुकड़ी ने हवाई फायर कर अपने जांबाज साथी को अंतिम सलामी दी। जानकारी के अनुसार वीरवार देर रात ड्यूटी के दौरान अनुपम के सीने में अचानक तेज दर्द उठा था। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को मेजर सोनू और नायब सूबेदार योगेंद्र कुमार के नेतृत्व में 40 सैनिकों की टुकड़ी ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
अनुपम मेहता एक कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए सेना ने उन्हें सूबेदार के पद से सीधे लेफ्टिनेंट के पद पर पदोन्नति दी थी। अभी दो महीने पहले ही 26 जनवरी 2026 को उन्हें इस उपाधि से नवाजा गया था। 28 अक्तूबर 1998 को सेना में भर्ती हुए अनुपम इसी साल अक्तूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
अंतिम संस्कार में सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार, धीरा थाना प्रभारी गुरुदेव सिंह, पंजाब रेजिमेंट के पूर्व सैनिक और भारी संख्या में स्थानीय लोग उमड़े। अनुपम अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, बेटा नैतिक, दो बेटियां नंदिनी व नैन्सी और दो भाइयों को छोड़ गए हैं।
नौरा में लेफ्टिनेंट अनुपम मेहता का पार्थिव शरीर देखकर विलाप करतीं बेटियां और अन्य। -स्रोत : जा