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Kullu News: तांदी अग्निकांड से सबक, अब ग्राम सभा में बताए जाएंगे आग से बचाव के तरीके

Mon, 06 Jan 2025 09:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू जिले की सभी 235 पंचायतों की ग्राम सभाओं में जागरूक किए जाएंगे ग्रामीण
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तांदी अग्निकांड के बाद अब ग्राम सभाओं में लोगों को जागरूक करेगा जिला प्रशासन

पंचायतों को निर्देश, आग की घटनाओं पर अंकुश के लिए एजेंडा शामिल करने को कहा

संवाद न्यूज एजेंसी

कुल्लू। सर्दियों के मौसम में सेंकने के लिए रखी अंगीठी की चिंगारी भी पल भर में सपनों के आशियानों को राख कर सकती है। मवेशियाें के लिए रखी घास आग में घी का काम कर जाती है।
कुल्लू जिले में काष्ठकुणी शैली से बने लकड़ी के मकानों में आग तेजी से फैलती है। देखते ही देखते पूरे गांव राख के ढेर में बदल जाते हैं। इसको लेकर प्रशासन अब जिले की सभी पंचायतों में लोगों को ग्रामसभाओं के बारे में जागरूक करेगा। बंजार उपमंडल के तांदी गांव में भी मवेशियों के लिए रखी घास आग तेजी से फैलने का कारण बनी।
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अब प्रशासन ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को आग से बचाव को लेकर जागरूक करेगा। पंचायत स्तर पर ग्राम सभाओं में लोगों को आग से बचाव को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया जाएगा। सभी पंचायतों को निर्देश भी जारी किए गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने जनवरी में जिले की 235 पंचायतों में होने वाली ग्राम सभाओं में आग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उपाय और बचाव का एजेंडा शामिल करने को कहा है। जिला पंचायत अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र जारी किए हैं। अगर प्रशासन की पहल कामयाब हुई तो ग्रामीण क्षेत्रों में आग की घटनाओं में कमी देखने को मिल सकती हैं।
तांदी गांव में आग की घटना से करोड़ाें की क्षति हुई है। इसमें 17 घर, छह गोशालाएं जल गई हैं। 33 परिवार प्रभावित हुए हैं। गांव में एक के बाद एक मकान आग की चपेट में आए।
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जनवरी में होने वाली ग्राम सभाओं में आग की घटनाओं से बचाव को लेकर उपाय एजेंडे में शामिल करने को कहा गया है। ग्राम सभा में लोगों को जागरूक किया जाएगा। - दया राम, जिला पंचायत अधिकारी, कुल्लू


इन बिंदुओं पर जागरूक किए जाएंगे ग्रामीण
- घास निवास स्थान से दूर रखा जाए।
- घास के लिए अलग शेड गांव से बनाया जाए।
- आबादी वाले क्षेत्र में घास के लिए कोई शेड न बनाया जाए।
- घास वाले क्षेत्र में आग अथवा अंगीठी न जलाई जाए।
- बिजली के शॉर्ट सर्किट के बचाव के लिए सर्विस तार बिजली बोर्ड या किसी व्यक्ति से सुव्यवस्थित तरीके से लगाई जाए।
- हर गांव के नजदीक पानी के टैंक के निर्माण को लेकर विचार-विर्मश किया जाए।
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