चले पहाड़ो की और---मैदानी इलाको में लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच भेड़ पालक अपनी भेड़- बकरियों को
गर्मी में अब छह माह तक पहाड़ों में रहेंगी भेड़-बकरियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सर्दी में कांगड़ा और सिरमौर की चारागाहों के बाद अब भेड़ पालकों ने पहाड़ों का रुख कर दिया है। भेड़ पालक अब छह महीने तक कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति के चारागाहों में रुकेंगे।
इसके लिए भेड़ पालक कुल्लू-मनाली और मणिकर्ण से निकलने शुरू हो गए हैं। मनाली और लाहौल-स्पीति की तरफ जाने वाले भेड़ पालकों को एक रात्रि ठहराव कुल्लू के ढालपुर मैदान में होता है। यहां से वह अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गए हैं। इन दिनों भेड़ पालकों के कई झुंड जिला मुख्यालय होकर रवाना हो रहे हैं। भेड़पालक दलीप सिंह और भगत राम ने कहा कि उनकी भेड़-बकरियां लाहौल के चंद्रताल में जाती हैं। भेड़पालक पूर्ण चंद ने कहा कि वह पार्वती घाटी के मानतलाई की जोतों पर भेड़-बकरियेां को चराते हैं। उन्होंने कहा कि यहां भेड़ पालकों के करीब 50 से अधिक डेरे हैं। सभी भेड़पालक धीरे-धीरे निकलने शुरू हो गए हैं। एएसपी संजीव चौहान ने कहा कि भेड़ पालकों की सुरक्षा पर भी पुलिस निगरानी कर रही है।