पर्यटन पर असर की आशंका, सेब की फसल पर भी संकट
मौसम मेहरबानी नहीं होने से रुके क़ृषि-बागवानी के कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। पिछले लंबे अरसे से घाटी में बारिश और बर्फबारी नहीं हो रही है। भयंकर सूखे जैसे हालात बनने से घाटी की आर्थिकी पर संकट खड़ा हो गया है।
पर्यटन कारोबार पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है तो कृषि और बागवानी कार्य भी ठप पड़े हैं। जल्द बारिश-बर्फबारी नहीं हुई कृषि-बागवानी के साथ पर्यटन कारोबार पर भी विपरीत असर पड़ेगा।
मनाली और आसपास के क्षेत्र में बीते लंबे समय से पर्याप्त मात्रा में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। घाटी में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से शुष्क ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। पहाड़ अभी भी सूखे पड़े हैं। इसके अलावा कृषि-बागवानी संबंधी सभी कार्य भी ठप हैं। शीतकालीन खेलों से जुड़े खिलाडी भी बर्फबारी नहीं होने के चलते अपना अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। घाटी में लगातार चल रहे सूखे ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है की घाटी में लम्बे समय से बारिश और बर्फबारी नहीं हुई है। पहाड़ों पर भी अभी तक पर्याप्त मात्रा में बर्फबारी नहीं होने से भूमि खुश्क हो गई है।
मनाली के बागवान फतेह चंद, जय चंद और होतम राम ने बताया कि बारिश और बर्फबारी न होने से लोग बगीचों में तौलिये भी नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमने पिछले कई सालों से जनवरी महीने में इतना शुष्क मौसम नहीं देखा। खेत खलिहान भी सूखे पड़े हैं l यदि मौसम का यही मिजाज रहा हो आने वाले फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पर्यटन कारोबारी गौतम ठाकुर, रोशन लाल और देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि पर्यटक बर्फबारी को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। बर्फबारी होने के बाद मनाली का पर्यटन कारोबार और रफ्तार पकड़ेगा। समय पर बर्फबारी नहीं हुई तो पर्यटन कारोबार को नुकसान हो सकता है।