मनाली के वांहग से पैदल कुल्लू पहुचें सहारनपुर के मजदूरो को खाना खिलाते पुलिस कर्मी।
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कुल्लू। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू का जिला में व्यापक असर देखने को मिला है। कर्फ्यू के पांचवें दिन रविवार को भी कुल्लू शहर, भुंतर, अखाड़ा बाजार, मनाली, पतलीकूहल, बंजार, सैंज के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। लोग कोरोना के डर से अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। लेकिन शहर में मजदूरी कर अपना पेट पालने वाले मजदूर भूख के चलते मदद और घर वापसी के लिए सड़कों पर आने को मजबूर हैं।
कर्फ्यू के बीच कई मजदूर रोटी की तलाश में बाहर निकल रहे हैं। शहर व आसपास के क्षेत्रों में भवन, सड़कों आदि में काम करने वाले 400 से 500 मजदूरों को कर्फ्यू के चलते रोटी के लाले पड़ गए हैं। हर जगह काम बंद होने से उनको रोजी रोटी कमानी मुश्किल हो गई है। ऐसे में कर्फ्यू के बीच मजदूरों को रोटी के लाले पड़ गए हैं। हालांकि कुछ समाजसेवी संस्थाएं आगे आकर इन मजदूरों की रोटी का इंतजाम कर रही हैं। लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहा है। हालांकि सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। इस दौरान सामान खरीदने वालों को पुलिस परेशान नहीं कर रही है। लेकिन एक बजे के बाद बाजार में दिखने वालों के साथ पुलिस सख्ती के साथ पेश आ रही है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जरूरी काम के बिना घर से बाहर न निकले। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि जिले में कर्फ्यू जारी है। बाहर से आने वाले लोगों पर पूर्ण पाबंदी है, जो लोग पैदल भी आ रहे हैं, उनको भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति बिना परमिशन और इमरजेंसी से जिले के बैरियर पर पहुंचता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।