पहले बंद रास्तों ने रोकी राह, अब मंडियों में व्यापारी लगा रहे आधी कीमत
50 फीसदी तक गिरे दाम, 40 से 50 रुपये किलो बिक रहा है जिले का सेब
देश भर की मंडियों में कश्मीर के सेब की दस्तक से लगातार कम मिल रहे दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कश्मीर के सेब ने कुल्लू के लाल-पीले सेब की चमक फीकी कर दी है। भारी बारिश ने पहले फसल को भिगोया, अब मंडियों में कश्मीर के सेब की भरमार ने जिले के बागवानों की कमर तोड़ दी है।
बंद रास्तों के बीच, आधे दामों में सेब बिकने से बागवान मायूस हैं। देशभर की मंडियों में कश्मीर का सेब पहुंच चुका है। इसका असर कुल्लू के सेब पर पड़ा है। कुल्लू का सेब 50 फीसदी घटकर महज 40 से 50 रुपये किलो के बीच आ गया है। औसतन सेब 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है।
कश्मीर का सेब मंडियों में आने से व्यापारी ऊंची बोली नहीं लगा रहे हैं। इनमें सेब खरीदने के लिए प्रतिस्पर्धा घटने का नुकसान बागवानों को हो रहा है। कई दिनों से बगीचों में फंसे सेब को कुल्लू में बागवानों ने निकालना शुरू कर दिया है। सब्जी मंडियों से प्रतिदिन 100 से अधिक गाड़ियां जा रही हैं। यह सिलसिला इस बार 15 अक्तूबर तक जारी रहेगा।
अधिक बारिश के चलते पहले बागवान बगीचों से सेब नहीं निकाल पाए। जब फल गिरना शुरू हुआ को सेब निकालना शुरू किया तो बंद सड़कों ने बागवानों के कदम रोक दिए। बागवान फतेह सिंह राणा, मनोहर लाल, लाल चंद, जीवन लाल चंद, लोत राम और बाला राम ने कहा कि सेब की मार्केट गिर रही है। अगस्त में 70 से 80 रुपये प्रतिकिलो तक बिकने वाला सेब अब 40 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। सब्जी मंडियों में व्यापारी आधे दाम पर सेब खरीद रहे हैं। कश्मीर का सेब भी पहुंचने से बागवानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
भुंतर सब्जी मंडी में रॉयल वैरायटी का सेब महज 40 से 45 रुपये किलो बिका। गोल्डन अच्छी क्वालिटी का सेब 40 रुपये किलो तक बिका। कश्मीर का सेब देश की मंडियों में आने से दामों पर असर पड़ा है। बागवानों को उचित दाम मिलें, इसके प्रयास किए जाते हैं। - मानस कुमार सूद, आढ़ती, भुंतर सब्जी मंडी