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Kullu News: घी-खिचड़ी की खुशबू से महकी कुल्लू घाटी

Wed, 14 Jan 2026 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू में मकर संक्रांति के मौके पर लगघाटी मे पारंपरिक व्यंजनों को बनाने में जुटी महिलाएं।-संवा
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जिले में रही मकर संक्रांति की धूम, जूब देकर लिया बड़ों का आशीर्वाद
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एक-दूसरे के साथ बांटीं खुशियां, खूब चला मेहमाननवाजी का दौर

संवाद न्यूज एजेंसी

कुल्लू। जिले में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर घी-खिचड़ी, भल्ले आदि की खुशबू से कुल्लू घाटी महक उठी। मकर संक्रांति पर जूब देकर देवी-देवताओं के साथ बड़े बुजुर्गों का भी आशीर्वाद लिया गया। मेहमाननवाजी का दौर भी खूब चला। लोगों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटीं।
मकर संक्रांति की तैयारियां लोगों ने तीन-चार दिन पहले ही पूरी कर ली थीं। बुधवार सुबह घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान खिचड़ी, भल्ले आदि तैयार किए गए। इसके बाद देवी-देवताओं की पूजा-आराधना का सिलसिला शुरू हुआ। मकर संक्रांति पर देवताओं को भोग लगाने के साथ उन्हें जूब दी गई। ईष्ट देवताओं को जूब (जौ की घास) अर्पित करने के बाद घरों में बड़े बुजुर्गों को जूब देेकर उनसे आशीर्वाद लिया गया। घरों में आने वाले मेहमानों को पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। लोगों में मकर संक्रांति को लेकर खुशी की लहर देखने को मिली। खराहल घाटी के फतेह सिंह, अशोक, पार्वती घाटी के रमेश और डोला राम ने कहा कि मकर संक्रांति के एक दिन पहले लोहड़ी होती है। ऐसे में इस पर्व का मजा दोगुना हो जाता है। मकर संक्रांति पर परंपराओं का निर्वहन किया गया। कुल्लू की लोक परंपराओं में बड़े-बुजुर्गों को जूब देने की परंपरा है। जूब देने का यह क्रम सात दिन तक जारी रहेगा। गांव से लेकर शहर तक मकर संक्रांति का पर्व एक समान रूप से मनाया गया।
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जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष एवं माता दशमी वारदा के कारदार दोत राम ठाकुर ने कहा कि मकर संक्रांति पर देवी-देवताओं की पूजा-आराधना हुई। देवी-देवताओं से लोगों ने सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया है।
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