कुल्लू। नगर परिषद कुल्लू को डंपिंग साइट के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिल रहा है। चिह्नित स्थानों पर लोगों के विरोध के चलते नगर परिषद की डंपिंग साइट फाइनल नहीं हो पाई है।
नगर परिषद ने दो सालों में करीब पांच जगह चंडीगढ़ बिहाल, लगघाटी सहित अन्य स्थान चिह्नित किए थे लेकिन लोगों ने आपत्ति जताई। इस कारण डंपिंग साइट का मसला ठंडे बस्ते में पड़ गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर नगर परिषद की पिरड़ी स्थित डंपिंग साइट बंद हो गई है।
इसके बाद नगर परिषद के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं। अब नगर परिषद कूड़े को मनाली स्थित कूड़ा संयंत्र में भेज रही है। वर्तमान में कुल्लू शहर से निकलने वाला सूखा कचरा मनाली स्थित रांगड़ी कूड़ा संयंत्र जा रहा है। इसके लिए नगर परिषद को प्रतिमाह पांच लाख रुपये भी खर्च करने पड़ रहे हैं। इसमें गाड़ियों का किराया आदि शामिल है। कुल्लू शहर में प्रतिदिन करीब छह टन कचरा निकलता है।
अगर नगर परिषद के पास अपनी डंपिंग साइट होती तो उसे यह पैसे खर्च नहीं करने पड़ते। नगर परिषद समस्या का स्थायी समाधान निकालने में जुटी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से भी नगर निकायों को डंपिंग साइट के लिए भूमि तलाशने के लिए कहा गया है।
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डंपिंग साइट के लिए नगर परिषद को एनओसी नहीं मिल रहा है। नगर परिषद कुल्लू को शहर से निकलने वाला कचरा मनाली स्थित रांगड़ी कूड़ा संयंत्र भेजना पड़ रहा है। जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
-बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद कुल्लू