कुल्लू दशहरा में प्लॉट के दाम 25 से 50 हजार रुपये करने पर बवाल
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अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में प्लॉट के बढ़े दामों को लेकर देशभर से आए कारोबारियों में रोष है। विरोध में कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने उत्सव में दुकानें लगाने वाले अन्य कारोबारियों से भी विरोध में दुकानें बंद रखने की अपील की।
पिछले साल 25 हजार, इस बार 50 हजार रुपये का प्लॉट
कारोबारियों का कहना है कि इस बार उत्सव में दुकानों के लिए प्लॉट की कीमतें दोगुने से भी अधिक बढ़ा दी गई हैं। उनका आरोप है कि पिछले वर्ष जिस प्लॉट के लिए 25 हजार रुपये देने पड़ते थे, उसी के लिए इस बार 50 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं।
कारोबारियों के मुताबिक, प्लॉट की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से उनके खर्च में काफी इजाफा होगा। इससे उत्सव के दौरान कारोबार करना मुश्किल हो सकता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ठेकेदारी प्रथा पर उठाए सवाल
कारोबारियों ने प्लॉट के बढ़े दामों के लिए ठेकेदारी प्रथा को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पहले मेला कमेटी की ओर से उन्हें कम कीमत पर प्लॉट उपलब्ध करवाए जाते थे। अब बढ़ी हुई कीमतों के कारण कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
दुकानें बंद कर जताया विरोध
प्लॉट की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने अन्य दुकानदारों से भी एकजुट होकर विरोध करने की अपील की है। कारोबारियों की मांग है कि प्लॉट की कीमतों पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि देशभर से उत्सव में कारोबार करने पहुंचे व्यापारियों को राहत मिल सके। फिलहाल प्लॉट की दरों को लेकर कारोबारियों का विरोध जारी है।