कुल्लू। पार्वती घाटी के 15 हजार फीट की ऊंचाई स्थित मानतलाई चरागाह में फंसीं 15 हजार से अधिक भेड़-बकरियों व 150 घोड़ों को निकालने की प्रक्रिया जिला प्रशासन ने तेज कर दी है। इसके लिए उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने वन विभाग, राजस्व विभाग तथा मनाली स्थित पर्वतारोहण संस्थान की एक संयुक्त टीम का गठन किया है। जो बुधवार को मानतलाई की तलहटी स्थित टूंडा भुज जाकर स्थिति का जायजा लेगी। प्रशासन भेड़-बकरियों को निकालने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। विकल्प के तौर पर टूटे पुल वाली जगह पर लकड़ी का पुल बनाने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। उल्लेखनीय है कि मानतलाई चरागाह में 50 से अधिक भेड़ पालकों की करीब 15000 भेड़-बकरियां मौजूद हैं। पहले भेड़पालक टूंडा भुज नामक जगह पर पार्वती नदी पर बने लकड़ी के पुल से होकर आर-पार होते थे लेकिन पुल 2014 में क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके बाद भेड़पालक टूंडा भुज की पहाड़ी से होकर अपनी भेड़-बकरियों व घोड़ों को लेकर जाते थे। मगर इस बार यहां हिमखंड गिरने से वैकल्पिक रास्ता पूरी तरह से टूट गया है। जिस कारण अब भेड़ों को निकालना किसी खतरे से कम नहीं है। भेड़पालक पूर्ण चौहान तथा नंद लाल ने कहा कि कुछ साल पूर्व टूंडा भुज के वैकल्पिक रास्ते से होकर एक भेड़पालक की गिरने से मौत हो गई है। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि भेड़पालकों की भेड़-बकरियों को सुरक्षित निकला जाएगा। इस स्तर पर जिला प्रशासन की ओर से ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बुधवार को गठित टीम मौके पर जाकर रिपोर्ट उन्हें देगी। भेड़पालकों की वापसी से पहले सुविधा प्रदान करने की पूरी कोशिश की जाएगी।