कुल्लू। लगवैली के दुर्गम क्षेत्र जिंदी-फलाहण की जनता के अब दिन बहुरेंगे। इस क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग पूरी होने वाली है, जिससे उनकी जीवन शैली बदल जाएगी और दशकों से पीठ और कंधों पर ढोया जा रहा जिंदगी का बोझ भी उतर जाएगा। दरअसल, दशकों बाद जिंदी-फलाहण क्षेत्र के लिए वागीसेरी से फलाहण तक सड़क निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। जिससे अब इस सड़क निर्माण की राह आसान होती दिखाई दे रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार इस सड़क के लिए एफसीए केस से संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं और एफसीए क्लीयरेंस मिल चुकी है। केंद्र सरकार ने इसके निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। अब विभाग ने सड़क निर्माण कार्य की अनुमति लेने के लिए डीपीआर बनाने का कार्य शुरू कर दिया है, जिसे जल्द केंद्र को भेजने की योजना है ताकि सड़क निर्माण कार्य आरंभ किया जा सके।
करीब नौ किलोमीटर लंबी इस सड़क से क्षेत्र की 750 से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। चूंकि यह क्षेत्र सड़क सुविधा से वंचित होने के कारण लोगों को रोजमर्रा का सामान पीठ और कंधों पर ढोना पड़ता है जबकि गांव में बीमार होने वाले लोगों को भी कुर्सी में बांधकर कंधों पर उठाकर सड़क तक लाना पड़ता है। ऐसे में केंद्र से इस सड़क की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जाग गई है।
क्षेत्र दोनों तरफ से सड़क सुविधा से जुड़ेगा
जिंदी-फलाहण क्षेत्र के लिए दूसरी तरफ डुवकन से भी सड़क निर्माण का कार्य चला हुआ है। जिसमें सात किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इससे यह क्षेत्र दोनों तरफ से सड़क सुविधा से जुड़ जाएगा और क्षेत्र में सड़क का सर्कल बन जाएगा। क्षेत्र के लोगों के अनुसार अब दोनों तरफ से सड़क बन जाने से लोगों के कंधों और पीठ से जिंदगी का बोझ उतर जाएगा।
वागीसेरी से फलाहण तक करीब नौ किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब डीपीआर बनाने का कार्य चला है। डीपीआर बनाने के बाद बजट मिलते ही सड़क का निर्माण आरंभ कर दिया जाएगा। जिससे जिंदी और फलाहण क्षेत्र सड़क सुविधा से जुड़ पाएगा।
-बीसी नेगी, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग कुल्लू