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Kullu News: साहबगीरी से नहीं... जमीन पर उतरने से हल होते हैं मुद्दे

Wed, 24 Sep 2025 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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कुल्लू में जिला परिषद की आखिरी त्रैमासिक बैठक में सदस्यों की अफसरों को नसीहत
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जनसमस्याओं को लेकर पूछे तीखे सवाल, व्यवस्था में उलझे मुद्दों को लेकर फूटा गुस्सा
गौरी शंकर
कुल्लू। जिला परिषद की अंतिम त्रैमासिक बैठक में सदस्यों का सब्र आखिर जवाब दे गया। जनसमस्याओं के समाधान में अफसरशाही रवैये से नाराज जिप सदस्यों ने दो टूक कहा, साहबगीरी से नहीं, जमीन पर उतरने से मुद्दे हल होते हैं।
पानी की किल्लत से लेकर अधूरी सड़कें, दरकतें गांव, धूल में घुटती फसलें और राहत राशि का इंतजार कर रहे प्रभावित, बैठक में एक-एक कर इतने सवाल उठे कि कई अधिकारी असहज हो उठे।
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बैठक सुबह करीब पौने 12 बजे शुरू हुई। शुरुआत में सदस्यों ने सामान्य तौर पर प्रश्न किए लेकिन धीरे-धीरे व्यवस्था में उलझे मुद्दों को लेकर सदस्यों का गुस्सा फूटता नजर आया। जिप सदस्य गुलाब सिंह ने पानी की समस्या को लेकर कहा कि अकसर अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी कनिष्ठ अभियंता को फोन करते हैं। कनिष्ठ अभियंता फिटर को फोन करते हैं लेकिन समस्या हल नहीं होती। अधिकारी कभी स्वयं भी फील्ड में उतरकर देखें।
जिप सदस्य पूर्ण ठाकुर ने लुहरी प्रोजेक्ट से उठी धूल से फसलों को हुए नुकसान का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि चार सालों से जिला प्रशासन प्रभावितों के खातों को वेरिफाई नहीं कर पाया है। प्रोजेक्ट ने प्रभावितों का मुआवजा प्रशासन को जमा करवाया है। प्रशासन ने 90 फीसदी प्रभावितों को राशि दे दी है। दस फीसदी लोग मुआवजा राशि के इंतजार में हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। यह मामला सदन में दो सालों से उठाया जा रहा है। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तुनन के भवन को धनराशि स्वीकृत करने को लेकर शिक्षा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों में तालमेल न होने का भी आरोप लगाया। मामला उठाए एक साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन अभी तक विभाग एस्टीमेट नहीं बना पाया है।
रेखा गुलेरिया ने भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर अधिकारियों से जवाब मांगा और केंद्र से आए 38 करोड़ रुपये खर्च करने की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा। उन्होंने जच्छणी नाला में लोगों के लिए विकल्प तलाशने की मांग की।
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बागन गांव का मुद्दा उठा, घर गंवाने वालों के लिए मांगी जमीन
जिला परिषद सदस्य गुलाब सिंह ने बागन गांव का मामला उठाया और गांववासियों को घर बनाने के लिए वन विभाग से टीडी और प्रशासनिक अधिकारियों से जमीन और घर गंवा चुके लोगों के लिए सरकार से जमीन उपलब्ध करवाने का मामला प्रमुख्रता से उठाया। सड़कों का मुद्दा भी उठाया। कई मामलों में सवाल-जवाब के दौरान अधिकारी और जिप सदस्य आमने-सामने हो गए। ऐसे कई मामले जो तीन सालों से हल नहीं हो पाए हैं, बुधवार को भी उन पर चर्चा नहीं हो पाई। ऐसे मामलों को छोड़ दिया गया है।
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