कुल्लू। पहली बार बरसात की छुट्टियों को पूरे जिला में लागू किया गया है। इस कारण जिला के बाह्य सराज की 69 पंचायतों के सभी स्कूलों में अवकाश चल रहा है। इसे पहले बाह्य सराज के स्कूलों में विंटर सेशन में छुट्टियां होती थीं। ऐसे में अगर बालू स्कूल में गर्मी की छुट्टियां नहीं होती तो स्कूल में बड़ा हादसा हो सकता था।
प्राइमरी स्कूल बालू में करीब 45 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार को हुई भूस्खलन की घटना में बालू स्कूल के दो क्लासरूम व एक रसोईघर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। दोनों कमरों में फर्नीचर व एलईडी सहित मिड-डे मील का सारा सामान मलबे में बह गया है। जानकारी के अनुसार स्कूल के पीछे करीब 200 मीटर दूरी स्थित पहाड़ी से हुए भूस्खलन में मलबे के साथ बड़ी-बड़ी चट्टानें भी आईं। भूस्खलन के बाद गांव बालू, बलेहड़ व गनोचा में अफरातफरी मच गई।
अभिभावक नीटू ठाकुर, मोहर सिंह और चमन ठाकुर ने कहा कि इस बार स्कूल में ग्राीष्मकालीन अवकाश है। ऐसे में किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन पूरी तरह से तहस नहस हो गया है। 12 अगस्त से स्कूल खुलेंगे, ऐसे में नौनिहाल कहां पढ़ाई करेंगे। उन्होंने कहा कि भूस्खलन ने स्कूल की पीछे व आगे की दोनों दीवारों को तोड़ दिया है। अभिभावक देवेंद्र सिंह, यज्ञ चंद और साहिल राणा ने सरकार, प्रशासन व शिक्षा विभाग से क्षतिग्रस्त हुए बालू स्कूल के भवन की मरम्मत की मांग की है। उन्होंने कहा कि तीन कमरों के स्कूल भवन के दो कमरे मलबे में बह गए हैं। ऐसे में अब यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी बरसात के मौसम कहां पढ़ाई करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त कुल्लू अश्वनी कुमार ने कहा कि रिपोर्ट मांगी गई है। बच्चों को पढ़ाई में दिक्कतें न हो, ऐसे में प्राथमिकता के आधार पर स्कूल भवन की मरम्मत की जाएगी।