उदयपुर-रिकांगपिओ रूट पर यात्रियों को 545 किमी का सफर तय करवा रही बस
पांच जिलों से होकर गुजरती है यह बस, निगम प्रबंधन ने अभी जारी रखा है यह रूट
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। माइनस तापमान और कड़ाके की ठंड के बीच भी हिमाचल पथ परिवहन निगम की उदयपुर-रिकांगपिओ बस यात्रियों के लिए 545 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर रही है।
पांच जिलों से होकर गुजरने वाला यह 24 घंटे का रूट घाटियों में लोगों की लाइफ लाइन बन गया है। प्रदेश के सबसे लंबे उदयपुर-रिकांगपिओ रूट पर भी केलांग डिपो की बस दौड़ रही है। बस उदयपुर से जाहलमा-तांदी-अटल टनल-मनाली-कुल्लू-मंडी-सुंदरनगर-करसोग-लुहरी-रामपुर- ज्यूरी और टापरी होते रिकांगपिओ पहुंचती है।
उदयपुर से इस बस का प्रस्थान सुबह का 5:00 बजे होता है। अगले दिन सुबह यह बस 24 घंटे का सफर कर गंतव्य पर पहुंचती है। बता दें कि एचआरटीसी के केलांग डिपो के नाम देश-विदेश के यात्रियों को सबसे ऊंचे और लंबे लेह-दिल्ली रूट पर बस चलाने का कीर्तिमान रहा है। यह बस देश में सबसे अधिक ऊंचाई वाले बारालाचा, लाचुंगला और तंगलंगला दर्रा से होकर चलती है।
ठंड बढ़ने पर कई लोकल-लंबी दूरी की बसें बंद
लाहौल घाटी में ठंड बढ़ने के साथ सवारियों के अभाव में भले ही कई लोकल और लंबी दूरी पर चलने वाली बसों का संचालन बंद कर दिया गया है लेकिन गर्मी के दिनों में घाटी में हजारों की संख्या में प्रवासी कामगार सहित पर्यटक लाहौल पहुंचते हैं। ठंड बढ़ने के साथ प्रवासी कामगार भी घर लौट गए हैं लेकिन निगम प्रबंधन ने उदयपुर-रिकांगपिओ रूट पर बस सेवा जारी रखी है।
उधर, एचआरटीसी के केलांग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक अंचित शर्मा ने बताया कि उदयपुर-रिकांगपिओ रूट की बस सेवा लोगों की सुविधा के लिए चलाई जा रही है।