लाहौल के बारालाचा दर्रा के समीप चरवाहों के साथ रेस्क्यू टीम।-संवाद
राशन सामग्री के साथ-साथ दवाइयां भी करवाईं उपलब्ध
सातधारा में भी भेड़पालकों की मदद को आगे आया संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल में लगातार हो रही बारिश के बीच दारचा से आगे लेह की तरफ पटसेऊ में भेड़पालक 2,100 भेड़-बकरियों के साथ फंसे हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने त्वरित बचाव अभियान चलाया।
पटसेऊ के आसपास अज्ञात संख्या में चरवाहों के फंसे होने की सूचना मिलने पर एक टीम भेजी गई। सीडीपीओ खुशविंद्र के नेतृत्व में पांच सदस्यीय बचाव दल दो वाहनों में रवाना हुआ। दल को रास्ते में पत्थर, मलबा और बर्फ गिरने जैसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। सर्वेक्षण के बाद अभियान लगभग छह घंटे तक चला। लगभग 2,100 भेड़-बकरियों के साथ फंसे चरवाहों का पता लगाया गया और उन्हें तत्काल सहायता दी गई। भेड़पालकों को राशन, ईंधन और दवाएं वितरित कीं। दुर्भाग्य से इंद्र सिंह नामक एक चरवाहे की दो बकरियां मृत पाई गईं।
गौर रहे कि अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। उदयपुर क्षेत्र के सातधारा के पास में फंसे लगभग 30 भेड़पालकों को प्रशासन और श्री महादेव सेवा संगठन त्रिलोकीनाथ की ओर से आवश्यक राहत उपलब्ध करवाई गई। श्री महादेव सेवा संगठन, त्रिलोकीनाथ के स्वयं सेवकों ने क्षेत्र का दौरा किया और पाया गया कि भेड़पालकों का राशन समाप्त हो चुका था। कपड़े पूरी तरह भीग गए थे और एक भेड़पालक घायल भी था। स्वयं सेवकों ने तत्काल भोजन की व्यवस्था की व मामले की सूचना उपमंडलाधिकारी उदयपुर अलीशा चौहान को दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से भेड़ पालकों को 10 कंबल, तीन तिरपाल एवं प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध करवाई जाएंगी।