तकनीकी खामी का हवाला देते हुए हेलीकाप्टर में अब महज 10 से 11 यात्रियों को ही बिठाया जा रहा है। हालांकि सरकार और कंपनी के बीच हुए करार में 20 यात्रियों को एक समय में लिफ्ट किए जाने का प्रावधान है। वही पिछले कुछ दिनों से हेलीकाप्टर में पूरे यात्रियों को नहीं बिठाया जा रहा है।
इसके कारण जनता में भारी रोष पनप रहा है। बुधवार को गौंधला हेलीपैड के लिए सीजन की पहली उड़ान में भी महज 11 यात्रियों को लिफ्ट किया गया। पहले 15 लोगों को हेलीकाप्टर में बिठाया गया था। पायलट इसके पीछे तकनीकी दिक्कत का हवाला दे रहा है। उधर, इस मामले को वूल फेडरेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ठाकुर रघुवीर सिंह ने इस मसले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है।
वहीं खंगसर पंचायत प्रधान सुंदर लाल ने कहा कि इस सीजन बुधवार को गौंधला के लिए हेलीकाप्टर ने उड़ान भरा, लेकिन महज 11 यात्रियों को लाहौल लाया गया। इससे यात्रियों दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, बीडीसी के पूर्व अध्यक्ष नोरबू थोलगपा, प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि लाहौल के ट्राइबल बजट से पिछले साल भी हेलीकाप्टर की उड़ान पर करीब 2 करोड़ खर्च किए गए हैं।
जबकि सरकार कंपनी को फ्लाइंग ओवर के हिसाब से पूरा किराया अदा कर रहा है तो ऐसे में बीस यात्रियों को क्यों नहीं उठाया जा रहा है? उड़ान शेड्यूल भी एक रोज पहले ही जारी की जाए जिससे लोगों को सुविधा मिले। कुल्लू में तैनात उड़ान समिति के सह प्रभारी विजय ने बताया कि पिछले कुछ रोज से तकनीकी दिक्कतों के कारण हेलीकाप्टर में पूरे 20 यात्रियों को लिफ्ट नहीं किया जा रहा है। वातावरण में पारा चढ़ने के कारण ऐसा किया जा रहा है।