हिचकोले खाते गुजर रहे छोटे वाहन, ग्रामीणों और पर्यटकों को हो रहीं परेशानियां
लोग बोले- बजट मंजूर होने के बाद भी धरातल पर नहीं हो पाए ठोस कार्य
पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने की जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। रोपा-शांघड़ मार्ग की हालत अब भी लोगों और पर्यटकों के लिए चुनौती बनी हुई है। भारी बरसात और आपदा ने सड़क को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इससे छह महीने बाद भी बड़े वाहनों की आवाजाही बंद है।
छोटे वाहन हिचकोले खाते गुजर रहे हैं। मार्ग की खस्ता हालत ने बस सेवा ठप कर दी है। इससे आम लोग और पर्यटक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बजट मंजूर होने के बावजूद धरातल पर ठोस कार्य नहीं हुए हैं। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन और विभाग भी सड़क की हालत को सुधारने के लिए गंभीर नहीं हैं। लोगों ने कहा कि वर्ष 2023 में आई बाढ़ से भी सड़क को क्षति पहुंची है, उस दौरान भी सड़क को बहाल करने में लीपापोती की गई थी। लंबे समय तक सड़क की हालत सुधारने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए।
जानकारी है कि मार्ग को ठीक करने के लिए नाबार्ड से भी बजट स्वीकृत हो चुका है लेकिन धरातल पर मार्ग को सुधारने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। लिहाजा, आठ किलोमीटर लंबे इस मार्ग की हालत दयनीय बनी हुई है।
रोपा-शांघड़ सड़क पर बस सेवा छह महीने से बंद है। वर्ष 2023 में भारी बरसात से हुए नुकसान के बाद अभी तक न तो निकासी नालियां बन पाई हैं और न ही बंद पड़े कलवर्ट से मलबा हटाया है। घाटी में टूरिज्म पर भी असर पड़ रहा है। स्कूल-कॉलेज के बच्चों को आज भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। - प्रवीण कुमार सैंज
क्षेत्र पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है लेकिन सड़क की हालत दयनीय बनी हुई है। विभाग इसे ठीक नहीं कर रहा है। इस कारण पर्यटन से जुड़े लोगों को काफी परेशानी हो रही है जबकि सड़क खराब होने से बस सेवा नहीं मिल पा रही है। इससे ग्रामीणों को असुविधा हो रही है। - हीरा लाल, सैंज
सरकार और विभाग रोपा-शांघड़ सड़क को बहाल करने के लिए ठोस प्रयास करे ताकि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां ठीक से चल सकें और लोगों को इसका फायदा मिल सके। सड़क की हालत सुधारकर बस सेवा भी शुरू करनी चाहिए ताकि आम लोगों को बस सुविधा मिल सके। - बुधराम, प्रधान, सैंज वैली विकास समिति