सोलंगनाला। भारी बर्फबारी, माइनस तापमान और फिसलती सड़कें... यह अटल टनल और धुंधी इलाके में कोई नई बात नहीं है। वर्षों से यहां हर बर्फबारी के दौरान वाहन फंसना आम होता रहा है। बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सर्दियों में अटल टनल के आसपास अचानक बर्फबारी आम है, जिससे कई बार वाहन फंस जाते हैं। मौसम का अचानक बदलाव और फिसलन भरी सड़कें अटल टनल के आसपास सैलानियों के लिए हर साल चुनौती बनती हैं। प्रशासन और पुलिस हर बार रेस्क्यू अभियान चलाते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की कमी अभी भी बनी हुई है।
देवदूत बनकर पहुंचे प्रशासन और बीआरओ के जवान तो आई जान में जान
सोलंगनाला। प्रशासन और मनाली पुलिस फंसे पर्यटकों के लिए देवदूत बनकर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान चलाया। वाहन चालक अमन ने बताया कि वे अपने टैक्सी वाहन में यात्रियों के साथ लाहौल की ओर जा रहे थे, तभी अचानक तेज बर्फबारी शुरू हो गई। सड़क पर मोटी बर्फ जम गई और कई वाहन आगे-पीछे रुक गए।
रात के समय बर्फबारी इतनी तेज थी कि सड़क पर लंबी कतार लग गई। कई वाहन फिसलने लगे और आगे बढ़ना मुश्किल हो गया। अमन सहित कई चालक अपनी गाड़ियां वहीं रोकने को मजबूर हुए और रातभर वाहन में ही इंतजार करना पड़ा। ठंड और बर्फबारी के बीच यह अनुभव बेहद कठिन था, लेकिन चालक धैर्य बनाए रहे।
कई पर्यटक गाड़ियों के अंदर ही रात गुजारने को विवश थे। कुछ पैदल, कुछ फोर-बाई-फोर वाहनों में मनाली पहुंचे। स्थानीय टैक्सी चालक नीमत राम ने बताया कि प्रशासन और बीआरओ की टीम की मेहनत से सभी गाड़ियों को धीरे-धीरे रास्ता मिल सका।
कई पर्यटक गाड़ियों के अंदर ही रात गुजारने को विवश थे। कुछ पैदल, कुछ फोर-बाई-फोर वाहनों में मनाली पहुंचे। स्थानीय टैक्सी चालक नीमत राम ने बताया कि प्रशासन और बीआरओ की टीम की मेहनत से सभी गाड़ियों को धीरे-धीरे रास्ता मिल सका।
अनावश्यक यात्रा न करें : डीएसपी
डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि रविवार दोपहर को टनल और वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। जो लोग सुबह लाहौल गए थे, वे रविवार शाम और सोमवार को लौटे, तब जाम की स्थिति बन गई। यात्रियों से अपील है कि बर्फबारी और येलो अलर्ट के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।