पतलीकूल (कुल्लू)। दिन : बुधवार, समय : सुबह के 9:00 बजे, स्थान : पतलीकूहल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। स्वास्थ्य जांच शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक तो पहुंच गए हैं, लेकिन ठंड होने के कारण काफी कम संख्या में लोग स्वास्थ्य जांच करवाने पहुंचे हैं।
डाक्टर मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। इसी बीच, अस्पताल के खंड चिकित्सा अधिकारी डाॅ. कर्ण भी जायजा लेने पहुंचते हैं। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता गया, मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी। कुछ देर के लिए तो ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइनें लग गईं। शिविर में विशेषज्ञ डाक्टरों के आने की सूचना पाकर हड्डी और नाक, कान और गले के रोग के पीड़ित मरीज अस्पताल में जुट गए। शाम करीब 4:00 बजे तक शिविर में मरीजों का आना जारी रहा। कुल 120 लोगोंं की जांच की गई। इसमें हड्डी रोग से जुड़े 20 लोगों का इलाज किया गया। ईएनटी से संबंधित 22 लोगों की विशेषज्ञ चिकित्सक ने जांच की।
अस्पताल की सामान्य ओपीडी में 78 लोगों की जांच की गई। इसमें सबसे अधिक मरीज वायरल की चपेट में आए हैं। इन लोगों में बुखार के साथ जुकाम, खांसी की शिकायत पाई गई। 120 मरीजों में सबसे अधिक महिला मरीजों की संख्या थी। हालांकि, मरीजों का आना शाम 4:00 बजे तक जारी रहा, मगर दोपहर 2:00 बजे के बाद संख्या एकाएक कम हो गई।
पतलीकूहल अस्पताल के प्रभारी डॉ. मोहित शर्मा ने बताया कि बीएमओ डॉ. कर्ण की अगुआई में शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल बैंस के पास 20 मरीज पहुंचे। पतलीकूहल अस्पताल में एक्सरे की सुविधा न होने पर मरीजों को मनाली अस्पताल में एक्सरे करवाकर दिखाने को कहा गया। कई लोगों को डाक्टर ने उपचार कर दवाइयां लिखीं। ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. दीपशिखा ने कान, नाक और गले के रोग से पीड़ित 22 लोगों की जांच की। बीएमओ डॉ. कर्ण ने बताया कि इस तरह के शिविरों से मरीजों को घर-द्वार उपचार मिल रहा है। अस्पताल में अब हर शुक्रवार को शिविर लगाने की योजना बनाई जा रही है।