श्रावण मास के पहले दिन मौहल में विराजमान देवता बालक महेश्वर सिंह के दर्शन करते श्रद्यालू।-संवाद
कुल्लू। श्रावण मास में मौहल में देव खेल और परिक्रमा आदि परंपराएं निभाकर देवता बालक महेश्वर वीरवार को वापस अपने मूल देवालय बजौरा लौटे। देवता के देवालय आगमन पर देवलुओं और श्रद्धालुओं में उत्साह रहा।
श्रावण मास के दौरान बालक महेश्वर देवता निर्धारित देव परंपरा के तहत विभिन्न स्थलों पर जाकर धार्मिक रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों का निर्वहन करते हैं। देवता के साथ कारदार, गूर, देवलू और वाद्ययंत्रों के वादक भी मौजूद रहते हैं। दोपहर बाद करीब 3 बजे बालक महेश्वर देवता मौहल से बजौरा अपने देवालय पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर कमेटी मौहल के प्रधान रमेश ने बताया कि बालक महेश्वर देवता की श्रावण मास की यह परंपरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। संवाद