न्यूली (कुल्लू)। सैंज घाटी की दुर्गम पंचायतों में एक बार फिर ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मंगलवार सुबह करीब दस बजे घाटी की देहुरीधार, गाड़ापार, शांघड़ और शैंशर पंचायत क्षेत्रों में ओलावृष्टि शुरू हो गई। इससे सेब, प्लम और नाशपाती सहित गेहूं तथा साग-सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
क्षेत्र के किसान नोक सिंह, फतू राम, देव राज, चुन्नी लाल, हीरा चंद, मोती राम, डोले राम, दुनी चंद, उत्तम राम और फतेह चंद ने बताया कि 6 मई को भी घाटी में भारी ओलावृष्टि हुई थी। इससे फलों और अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। मंगलवार को दोबारा हुई ओलावृष्टि ने बची हुई फसलों को भी तबाह कर दिया है। प्रभावित किसानों और बागवानों ने जिला प्रशासन तथा कृषि एवं बागवानी विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में हुए नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाए और सरकार की ओर से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। संवाद