फाइलों से आगे नहीं बढ़ी गांव को सड़क से जोड़ने की योजना
आग के तांडव के बाद खूबसूरत गांव में नजर आ रहे राख के ढेर
प्रीतम शर्मा
गुशैणी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की नोहांडा पंचायत के झनियार गांव की तस्वीर बदल गई है। एक दिन घने जंगलों के बीच काष्ठकुणी शैली के मकानों वाले गांव में अब राख के ढेर नजर आ रहे हैं।
आग के तांडव के कई घर चपेट में आए। गांव में जब तबाही का मंजर दिखा तो ग्रामीणों के मन में यह टीस जरूर रही कि शायद अगर गांव तक सड़क पहुंची तो ऐसी तबाही नहीं होती।
गांव तक सड़क नहीं पहुंची है, ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचना मुश्किल थी। एक के बाद एक मकान आग की चपेट में आते रहे और गोशाला भी आग की चपेट में आई। खास बात यह है कि झनियार गांव तक गुशैणी-डिंगचा सड़क वाया तिंदर होकर सड़क पहुंचनी थी। अभी सड़क डिंगचा से करीब एक किलोमीटर पीछे है। डिंगचा से झनियार गांव यहां से दो किलोमीटर खड़ी चढ़ाई में है।
झनियार गांव को सड़क से जोड़ने की योजना फाइलों से बाहर नहीं आ सकी। नोहांडा पंचायत का झनियार ही अकेला ऐसा गांव नहीं है, जो सड़क से नहीं जुड़ा है। ब्रिंगचा, खरूंगचा, ब्रेलगा गांवों तक भी अभी तक सड़क नहीं पहुंची है। यह गांव भी सड़क सुविधा से दूर हैं। ऐसे में इन गांवों में आग की घटना होने पर दमकल के वाहन पहुंचने की संभावना नहीं है। ऐसे में अब ग्रामीणों की ओर से इन गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
ग्राम पंचायत नोहांडा के प्रधान अंकुश श्लाठ ने कहा कि झनियार में आग की घटना बेहद दुखद है। गांव तक सड़क न होने के कारण मौके पर दमकल का वाहन नहीं पहुंच सका। हालांकि दमकल के कर्मचारी मौके पहुंचे थे।