भूस्खलन से ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग पर गिरा मलबा और पत्थर।
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रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। पिछले तीन दिनों से घाटी में हो रही बारिश से मनाली-ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग सहित मनाली-लेह मार्ग पर सफर जोखिम भरा हो गया है।
बीआरओ ने ग्रांफू-काजा-समदो 505 हाईवे वीरवार को बहाल कर दिया था। यहां फंसे दो दर्जन वाहनों को निकाला था। लेकिन शुक्रवार सुबह फिर हाईवे बंद हुआ, जिससे छह घंटे तक आवाजाही पूरी तरह से बंद रही। ऐसे में काजा से मनाली आ रहे वाहनों को लोसर तथा मनाली से काजा जा रहे वाहनों को दोपहर 12 बजे तक कोकसर में रोक कर रखा गया। वाहनों को सड़क खुलने के बाद भेजा गया। डोहरनी नाले में पाइप मलबे से भर जाने से पानी सड़क पर बह रहा है। इस कारण नाले में वाहन के टायर पत्थर व मलबे में धंस रहे हैं। वाहन चालक नरेंद्र, दीपक व पलजोर ने बीआरओ से आग्रह किया है कि डोहरनी नाले में पानी की निकासी के लिए बड़ा पाइप डाला जाए, जिससे वाहन आसानी से आर-पार हो सके। दूसरी और जिंगजिंगबार से बारालाचा व सरचू के बीच भी जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। हालांकि यहां बीआरओ की टीम मौजूद है। लेकिन बार-बार हो रहे भूस्खलन से राहगीरों को दिक्कत हो रही है। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मानव वर्मा ने बताया कि ग्रांफू-काजा मार्ग पर हुए भूस्खलन से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी, जिसे दोपहर को खोल दिया है। बरसात के चलते लेह और काजा का सफर जोखिम भरा हो गया है, लिहाजा यात्री और वाहन चालक मौसम की परिस्थिति देखकर और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर यात्रा करें।