खट्टे-मीठे स्वाद वाले सेब को लेकर बढ़ा जिले के बागवानों का रुझान
छह से सात माह तक खराब नहीं होता सेब, आर्थिकी कर रहा मजबूत
सेल्फ पॉलिनेशन होने से दूसरी किस्मों को प्रदान करता है पॉलिनेशन
रोशन ठाकुर
कुल्लू। रॉयल सेब और अर्ली वैरायटी की गाला किस्म के बाद बागवानों का रुझान अब ग्रैनी स्मिथ की तरफ बढ़ने लगा है। ऑस्ट्रेलिया के इस हरे रंग के सेब का मंडी में रेट भी अच्छा मिल रहा है। इस साल भी यह सेब मंडियों में 90 से 100 रुपये प्रति किलाे के हिसाब से बिका जबकि रॉयल सेब 50 से 60 रुपये तक बिका।
खास बात है कि स्वास्थ्य के लिए यह सेब फायदेमंद है। खासकर मधुमेह और हृदय रोग का जोखिम कम करता है। यह सेब तुड़ान से लेकर छह से सात माह तक खाया जा सकता है। रसीला सेब होने से लोग इसका ज्यादातर जूस के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
ग्रैनी स्मिथ सेब अपने खट्टे स्वाद, कम चीनी और उच्च फाइबर सामग्री के कारण स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह किस्म 3 से 5 साल में फल देना शुरू कर देती है। वर्तमान में यह जिला शिमला के साथ कुल्लू के आनी, निरमंड, बंजार और मनाली क्षेत्र में उगाया जा रहा है। बागवान राजेंद्र ठाकुर, बीरबल सिंह, मोहर सिंह और टिकम सिंह ने कहा कि ग्रैनी स्मिथ सेब हरे रंग का फल है और बहुत ही रस वाला होता है। सेल्फ पॉलिनेशन होने से यह सेब की दूसरी किस्मों को पॉलिनेशन प्रदान करता है। इसमें मेहनत भी कम है।
स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी
स्वास्थ्य के लिए यह सेब बहुत लाभकारी माना जाता है। यह सेब पाचन सुधारने, मोटापा कम करने और कोलेस्ट्रॉल कम करने के साथ लिवर और किडनी की रक्षा करता है। इसके अलावा विटामिन सी की कमी को पूरा करता है।
जिले में अभी ग्रैनी स्मिथ सेब का उत्पादन कम है लेकिन यह सेब टिकाऊ है और छह से सात माह तक रहता है। रसीला होने से लोग इसका जूस अधिक पीते हैं। सितंबर में तैयार होने वाला यह सेब अप्रैल-मई तक खाया जा सकता है। -डाॅ. राज कुमार उपनिदेशक बागवानी विभाग कुल्लू