बंजार के पेड़चा में हारगी उत्सव के दौरान देवमिलन करते हुए देवता।
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के पेड़चा में हारगी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पेड़चा के देवता मार्कंडेय ऋषि और मंडी जिला के कटुरनी के देवता मार्कंडेय ऋषि का भव्य देवमिलन हुआ। 14 सालों के बाद दो भाइयों का भव्य देवमिलन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
दोनों देवता इससे पहले गाड़ागुशैणी में मनाए गए मेले में शामिल होने गए थे। जब दोनों देवता पेड़चा पहुंचे, तो यहां पर ग्रामीणों ने देव परंपरा के तहत उनका भव्य स्वागत किया। हारगी में पांच दिनों तक मेहमान नवाजी का दौर चला। ग्रामीणों ने कुल्लवी परिधानों में सजकर पारंपरिक नाटी नृत्य भी किया।
पेड़चा के कारदार रमेश शर्मा, कमली राम, बाले राम, कारकून लाल चंद चौहान, ज्ञानचंद तेजा सिंह, हेमराज, भूपेंद्र शर्मा, और देवता विष्णु नारायण पेड़चा के कारदार टी. सी. महंत, पुजारी नरोतम दत्त शर्मा, किशोरी लाल शर्मा ने बताया कि 14 वर्ष बाद हुए इस देव मिलन से कुल्लू और मंडी सराज सहित समूचे क्षेत्र में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिला है।
हारगी उत्सव देव समाज की एक अनूठी परंपरा है, जिसका निर्वहन सैकड़ों वर्षों से किया जा रहा है। देवभूमि में आज भी देवी-देवताओं और मनुष्यों का संबंध अटूट और सदियों से कायम है। ग्रामीणों के बीच हारगी उत्सव को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल था।