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दूध उत्पादकों की लंबित भुगतान राशि तुरंत जारी करे सरकार : प्रेम चौहान

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. दो माह से पेमेंट न मिलने के कारण झेल रहे परेशानियां
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. चेताया, जल्द समस्याएं नहीं सुलझी तो करेंगे आंदोेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
हिमाचल दूध उत्पादक संघ ने प्रदेश के हजारों दूध उत्पादकों को कई महीनों से लंबित दूध की भुगतान राशि न मिलने पर प्रदेश सरकार और मिल्क फेडरेशन के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है। संघ का आरोप है कि जून-जुलाई से लेकर अब तक कई दूध उत्पादकों को उनके दूध की पूरी राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे दूध उत्पादक परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
दूध उत्पादक संघ के अध्यक्ष प्रेम चौहान, सचिव रंजीत ठाकुर, रेखा बुशहरी, दिनेश मेहता, संदीप, अनिल चौहान, तुला राम और सुभाष ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि मिल्क फेडरेशन के निदेशकों की ओर से जून माह की भुगतान राशि जारी किए जाने की बात कही जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कई दूध उत्पादक अभी भी अपनी मेहनत की कमाई के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। संघ ने सरकार और मिल्क फेडरेशन से वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और सभी लंबित भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की है।
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संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में दूध की राशि समय पर नहीं मिलने से किसानों और दूध उत्पादकों के सामने आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और हजारों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए भुगतान में देरी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हिमाचल दूध उत्पादक संघ ने सरकार और मिल्क फेडरेशन से सभी लंबित भुगतान बिना देरी जारी करने, भविष्य में निर्धारित समय-सीमा के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने, देरी के कारण सार्वजनिक करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही दूध उत्पादकों की अन्य लंबित समस्याओं पर चर्चा के लिए सरकार और मिल्क फेडरेशन से तत्काल बैठक बुलाने की मांग की गई है। स्थायी भुगतान व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई है। संघ ने स्पष्ट किया कि दूध उत्पादकों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उनकी मेहनत का हक समय पर चाहिए।
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चेतावनी दी कि यदि लंबित भुगतान जल्द जारी नहीं किए गए और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो दूध उत्पादक अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष और आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
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