कुल्लू। प्रदेश सरकार चहेतों को पुनर्नियुक्ति देकर रेवड़ियां बांट रही है। इससे आर्थिक संकट पैदा हो रहा है। इस कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पेंशनर लंबे समय से मांगों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री बजट न होने का हवाला दे रहे हैं वहीं, चहेतों को पुनर्नियुक्ति देकर खुश किया जा रहा है।
इनके लिए सरकार के पास अतिरिक्त बजट है। अगर पेंशनरों की मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो पेंशनर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे। यह बात हिमाचल पेंशनर महासंघ कुल्लू के अध्यक्ष जेएन शर्मा ने कही। जिला मुख्यालय कुल्लू में स्थित टीचर होम सरवरी में शनिवार को पेंशनरों की बैठक हुई।
बैठक में उपस्थित पेंशनरों के जीवन प्रमाणपत्र भी भरे गए। कुल्लू खंड के अध्यक्ष जेएन शर्मा ने कहा कि पेंशनरों की डीए की तीन और एरियर की चार किस्तों समेत पेंशन भत्ते की बकाया राशि लंबित है। कहा कि उपमुख्यमंत्री ने पेंशनर महासंघ के साथ एचआरटीसी पेंशनरों की पेंशन संबंधी समस्या का स्थायी हल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई पहल नहीं हो पाई।
सरकार महासंघ के साथ इसी माह बैठक करे, ताकि पेंशनरों की समस्याओं को हल किया जा सकें। महासंघ के सचिव बलवीर शर्मा, कोषाध्यक्ष ओपी शर्मा आदि उपस्थित रहे। संवाद