मनाली के विधायक गोेविंद सिंह ठाकुर ने गोशाल गांव को गोद लेने की मंच से घोषणा की। संगम पर्व में पहुंचे विधायक ने कहा कि लाहौल के गौशाल गांव को मॉडल गांव के तौर पर विकसित करेंगे। उन्होंने संगम पर्व आयोजन समिति को अपने निधि से 51 हजार रुपये देने की भी घोषणा की।
गोविंद सिंह ठाकुर ने संगम पर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष डा. परशीरा के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि परशीरा की टीम इस आयोजन को लेकर पिछले तीन-चार महीनों से प्रयास कर रहे थे। कुंगा रिंपोछे ने बौद्ध धर्म के शिक्षाओं पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि बौद्ध ग्रंथों में भी चंद्राभागा नदी का जिक्र आता है। नदी को बेहद पवित्र माना गया है। बौद्ध धर्म के कई महान गुरुओं ने इस नदी के तट पर तपस्या कर ज्ञान प्राप्त किया है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के उपकुलपति कुलदीप अग्निहोत्री ने कहा कि पार्वती हिमालय की पुत्री थी, लिहाजा लाहौल की महिलाएं भी पार्वती के समान हिमालय की पुत्रियां है। उन्होंने चंद्राभागा नदी के पौराणिक महत्व को सामने रखा। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री मनोज कुमार ने कहा कि चंद्राभागा नदी पर घाट बनने के बाद कोई सरकार और कंपनी बिजली परियोजना बनाने की हिमाकत नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगर लोगों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ परियोजनाओं का निर्माण करने की कोशिश हुई तो इसका राष्ट्रीय स्तर पर विरोध किया जाएगा। संगम पर्व समिति के अध्यक्ष डा. चंद्रमोहन परशीरा के चंद्राभागा नदी की पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के बखान से जनसभा भावुक हो उठी।
जिप के पूर्व सदस्य रिगजिन हायरपा ने मंच संचालन का काम संभाला। वहीं आयोजन समिति ने सहयोग के लिए गौशाल की पंचायत प्रधान सुशीला राणा, बीडीसी सदस्य मेघ सिंह पुजारा, महिला मंडल अध्यक्ष इंदिरा और युवक मंडल अध्यक्ष मनोज रोकपा समेत आयोजन के लिए निजी भूमि देने वाले किसानों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में रजनी ठुकराल, राहुल सोलंकी, मांचली ठाकुर, प्रेमलाल, सुरेंद्र, किशन, अजय श्रीवास्तव व अन्य मौजूद थे।