लाहौल घाटी में छह जगह होगा विंटर कार्निवल, 24 को उपायुक्त गोंधला से करेंगे शुरुआत
स्थानीय संस्कृति, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डीसी की पहल पर होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। बर्फ से लकदक शीत मरुस्थल की वादियों में घूमने आने वाले सैलानियों को जनजातीय जिला की प्राचीन संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप से घाटी गूंज उठेगी।
उत्सव में ठेठ जनजातीय संस्कृति की झलक दिखेगी। पारंपरिक परिधानों में चंद्रा वैली के 25 से 30 महिला मंडलों का लोकनृत्य सैलानियों कर ध्यान अपनी ओर खींचेगा। पर्यटक स्थानीय उत्पादों के भी खूब चटकारे लगाएंगे। दरअसल, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लाहौल-स्पीति के उपायुक्त राहुल कुमार के प्रयास से घाटी के छह क्षेत्रों में 24 फरवरी से विंटर कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। यह तीस मार्च तक चलेगा।
उपायुक्त गोंधला में विंटर कार्निवल का शुभारंभ करेंगे। विंटर कार्निवल के दौरान जुम्मा, मारचू, बक व्हीट से तैयार चिलड़, मन्ना (डोसा) समेत कई पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। महिला मंडलों की ओर से इनके स्टॉल लगाए जाएंगे। शेणी नृत्य की भी धूम रहेगी। विंटर कार्निवल के सफल आयोजन के लिए गठित उपसमितियों के साथ उपमंडल अधिकारी रजनीश शर्मा ने शनिवार को बैठक की।
पर्यटन, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पहल
एसडीएम ने कहा कि लाहौल घाटी में पर्यटन एवं स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विंटर कार्निवल करवाया जाएगा। तुपचलिंग में छह, 12 या 13 को त्रिलोकीनाथ, जिस्पा में 15 मार्च और समापन समारोह 30 मार्च को सिस्सू में होगा। विंटर कार्निवल की तिथियों का निर्धारण जनप्रतिनिधियों की सहमति से तय किया गया है। उन्होंने जल शक्ति विभाग को आयोजन स्थल पर पेयजल की उचित व्यवस्था, स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक मोबाइल शौचालय स्थापित करने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी डॉ. विवेक गुलेरिया, जिला आयुष अधिकारी बनीता शर्मा, उपनिदेशक बागवानी मीनाक्षी शर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. हीरा लाल उपस्थित रहे।
तीरंदाजी, रस्साकशी और मटका फोड़ प्रतियोगिता होगी आकर्षण
घाटी के अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय लोगों की सहभागिता से विंटर कार्निवल में खेल प्रेमियों, महिला और युवक मंडलों के लिए खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। तीरंदाजी, बुनाई, मटका फोड़, रस्साकशी, मेहंदी, बैडमिंटन, छोलो सहित बर्फ की उपलब्धता रहने पर स्नो क्राफ्ट और स्नो स्कीइंग प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी।