कुल्लू जिला में हुई ताजा बर्फबारी से ढके सेब के पेड़।
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कुल्लू। जिले में एक महीने के अंतराल के बाद हुई बर्फबारी और बारिश से घाटी के बागवानों ने राहत की सांस ली है। सूख के चलते बागवानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच गई थीं। बुधवार से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश का क्रम जारी है। बर्फबारी सेब की फसल के लिए अच्छी मानी जा रही है।
गौरतलब है कि जनवरी में बर्फबारी और बारिश नहीं होने से चिलिंग ऑवर्स पर संकट पैदा हो गया था। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है मार्च तक चिलिंग ऑवर्स पूरे होने की उम्मीद है। अब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सफेद चांदी बिछ गई है। बर्फ से सेब के पौधों में कई बीमारियां नहीं लगेंगी।
बागवान लकी ठाकुर, रेवत राम, ज्ञानचंद, विजय कुमार, दीनानाथ, अमर चंद, ओम प्रकाश ठाकुर, चेत राम ठाकुर ने कहा कि जनवरी में बर्फबारी और बारिश देखने को नहीं मिली। इसके चलते बागवान निराश थे। फरवरी के पहले सप्ताह में ही बर्फबारी और बारिश हुई है। इससे बागवानों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि अब बागवान बगीचों में नए पौधे भी लगा सकेंगे। बगीचों में नए पौधे लगाने का कार्य सूखे के चलते रुका था।
बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि बारिश और बर्फबारी सेब फसल के लिए बेहतर है। इससे जमीन में नमी आएगी और तापमान में भी गिरावट आई है। जो सेब चिलिंग आवर्स के लिए बेहतर है।