यूरिया और 12:32:16 खाद की बढ़ी मांग, बनाए जा रहे पेड़ों के तौलिये
संवाद न्यूूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बर्फबारी और बारिश होने के बाद अब रुके पड़े कृषि एवं बागवानी कार्यों में तेजी आई है। इससे खाद की मांग बढ़ गई है। किसानों-बागवानों से यूरिया और 12:32:16 खाद की करीब 10,000 बोरियों की मांग मिली है। यूरिया मांग के अनुसार उपलब्ध है, लेकिन 12:32:16 खाद का टोटा चल रहा है।
तीन दिन बारिश-बर्फबारी होने के बाद सोमवार को मौसम खुलते ही किसान-बागवान खेतों और बगीचों में पहुंचे हैं। किसान खेतों में रबी फसलों की बिजाई कर रहे हैं तो बागवान प्लम, जापानी फल, नाशपाती और सेब के बगीचों में पेड़ों के तौलिये बनाने में जुट गए हैं। किसानों और बागवानों ने खेतों और बगीचों में खाद डालने का काम भी शुरू कर दिया है। कृषि-बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो 12:32:16 खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम तत्व होते हैं, जो फसलों की गुणवत्ता तथा पैदावार को बढ़ाने में कारगर हैं। इसमें नाइट्रोजन फसलों को जल्दी से बढ़ाने और हरा रखने में मदद करता है।
फास्फोरस पौधों, पेड़ों, फसलों के तने और जड़ को बढ़ाने केे साथ फूल और फल को लगने वाले रोगों से लड़ने और विकास में सहायक है। पोटेशियम पौधों, फसलों की अधिक पैदावार में मदद करता है। ऐसे में किसान-बागवान 12:32:16 खाद की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में इफको के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित गलोटिया ने कहा कि किसानों-बागवानों को यूरिया मांग के अनुसार उपलब्ध करवाई जा रही है। 12:32:16 की मांग एकाएक बढ़ी है। जल्द खाद उपलब्ध करवाई जाएगी। संवाद