घाटी की 26 पंचायतों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण सह पृथक्करण शेड बनाने की प्रक्रिया शुरू
चार बॉक्स का होगा शेड, अलग-अलग रखा जाएगा प्लास्टिक कचरा और धातु
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी की पंचायतें अब पूरी तरह स्वच्छ हाेंगी। पंचायतों में अब जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा नजर नहीं आएगा। घाटी में घूमने के लिए आने वाले सैलानी भी इधर-उधर कचरा नहीं बिखेरेंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनजातीय क्षेत्र की 32 पंचायतों को स्वच्छ बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। स्वच्छता अभियान को लेकर घाटी की महिला मंडल पहले से जागरूक हैं, लेकिन उनके सामने कचरे के निष्पादन की समस्या आ रही है। अब यह समस्या भी जल्द दूर हो जाएगी। योजना के तहत पहले चरण में 26 पंचायतों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण सह पृथक्करण शेड लगेंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। शेड में चार बाॅक्स लगे होंगे। पहले बाॅक्स में कठोर प्लास्टिक, दूसरे में प्लास्टिक बोतलें, तीसरे में प्लास्टिक की थैलियां और चौथे में धातु रखी जाएगी। योजना के तहत केंद्र सरकार से हर पंचायत को 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
खंड विकास कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक बरवोक, मूलिंग, नालडा, सलग्रां, तिंदी और तिंगरेट को छोड़कर 26 पंचायतों में मार्च के अंत तक प्लास्टिक कचरा संग्रहण सह पृथक्करण शेड लगा दिए जाएंगे। कोकसर, सिस्सू, खंगसर, गोंधला, गौशाल, तांदी, यूरनाथ, दारचा, वारपा, रानिका, शांशा, जाहलमा, जुंडा, थिरोट और किशोरी पंचायत में प्लास्टिक कचरा संग्रहण सह पृथक्करण शेड लग गए हैं। अन्य पंचायतों में भी मार्च के अंत तक यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा। शेष छह पंचायतों के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा गया है।
खंड विकास अधिकारी केलांग डाॅ. विवेक गुलेरिया ने बताया कचरे के निष्पादन के लिए कोकसर और तांदी-केलांग सड़क पर जगमूर्ति के पास कूड़ा संयंत्र केंद्र है। यहां कूड़ा निष्पादन के बाद इसे आगे भेजा जाएगा। तीसरी यूनिट उदयपुर में स्थापित होगी। इसके लिए जमीन देखी जा रही है।
साडा के बजट से होगी गाड़ी की व्यवस्था
कूड़ा संयंत्र केंद्र तक कचरा पहुंचाने के लिए साडा के तहत गाड़ी की व्यवस्था की रहेगी। पंचायत में कूड़ा एकत्रीकरण और शेड के लिए पंचायत में 15वें वित्त आयोग के बजट से किसी व्यक्ति को एक साल तक के लिए 60 हजार की राशि पर नियुक्ति का प्रावधान भी है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन में स्वच्छता को लेकर पंचायत के साथ सबकी भागीदारी आवश्यक है।