स्थायी डंपिंग साइट नहीं खोज पाई नगर परिषद, एमआरएफ साइट के पास लगे कचरे के ढेर
कूड़े के ढेरों से उठ रही बदबू के कारण राहगीरों को गुजरना होता है मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर की खूबसूरती को कई बार उसकी हवा और माहौल ने सजाया है। आज यही शहर बदबूदार कचरे की चादर तले दबता जा रहा है।
आठ साल पहले एनजीटी ने आदेश दिया था कि पिरड़ी की डंपिंग साइट को हटाया जाए। तब से अब तक नगर परिषद स्थायी डंपिंग साइट खोजने के लिए प्रयासरत है लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। एमआरएफ साइट के पास कचरे के ढेर दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। ये न केवल पर्यटकों की आवभगत को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ा स्वास्थ्य संकट बन चुके हैं। दशहरे जैसा उत्सव आते ही यह चुनौती और भी गंभीर हो जाती है।
लोगों के विरोध और एनओसी न मिलने से नगर परिषद को डंपिंग साइट नहीं मिली है। कुछ समय तक कुल्लू का कचरा मनाली के रांगड़ी स्थित कूड़ा संयंत्र जाता रहा। रांगड़ी संयंत्र में कचरा जाना बंद होने के बाद नगर परिषद ने कचरा बस स्टैंड के पास एमआरएफ साइट के पास जमा किया। शहर का सारा कचरा सरवरी बस अड्डे के साथ एमआरएफ साइट पर जमा किया जा रहा है। कचरे के निष्पादन के लिए श्रेडर मशीन का ट्रायल किया गया है लेकिन श्रेडर मशीन अभी सुचारू रूप से नहीं चल पाई है। दो सप्ताह पहले एमआरएफ साइट पर कचरे की हालत यह थी कि डबललेन सड़क कचरे के ढेरों के कारण सिकुड़कर सिंगल लेन रह गई थी। बस स्टैंड के लिए बसें और अन्य वाहन भी एमआरएफ साइट से होकर गुजरते हैं। ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों को बदबू से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
एमआरएफ साइट में कचरा हटा दिया है। गीले कचरे के निष्पादन के लिए नगर परिषद बायोगैस प्लांट लगा रही है। कूड़े को लेकर सख्ती से काम किया जाएगा। कूड़ा फैलाने वालों के चालान किए जाएंगे। लोगों से अपील है कि वे कूड़ा उठाने वालों को ही कचरा दें। - गोपाल कृष्ण महंत, अध्यक्ष, नगर परिषद
जब कचरा एमआरएफ साइट के पास जमा किया जाता है तो सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कचरे के ढेर न लगें। आने वाले दिनों में दशहरा उत्सव होगा। दशहरा के दौरान कचरा दोगुना होगा। कचरे का निष्पादन उचित तरीके से किया जाए। - सनी, कुल्लू
एमआरएफ साइट बस स्टैंड के साथ है। इस ओर लोगों की चहलकदमी रहती है। बदबू से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुल्लू में पर्यटक भी आते हैं। शहर में कचरे के ढेर वे देखते हैं तो कुल्लू की छवि पर भी असर पड़ता है। - प्रमोद, कुल्लू