एफसीए को भी मिली मंजूरी, कचरे का निपटान होगा आसान
छह माह के अंदर प्रशासन ने रखा साइट को शुरू करने का लक्ष्य
बलदेव राज
कुल्लू। पार्वती घाटी के कसोल में कूड़ा निष्पादन के लिए एमआरएफ साइट बनाई जाएगी। एमआरएफ साइट के लिए केंद्र सरकार की ओर से एफसीए की एनओसी मिल गई है। पार्वती घाटी के कूड़े के निष्पादन एमआरएफ साइट होने से घाटी में कूड़े की समस्या का निदान हो जाएगा।
अब जल्द ही इस पर काम शुरू होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन की ओर से छह महीने के अंदर साइट को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। गौर रहे कि पार्वती घाटी में कसोल के पास ग्रामीण विकास विभाग की ओर से कचरा निपटान संयंत्र के लिए जगह चिह्नित की गई थी। उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने जगह का निरीक्षण भी किया गया था। यहां पर कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाना है। इससे क्षेत्र में कूड़े की समस्या का समाधान हो जाएगा। वर्तमान में कसोल और मणिकर्ण साडा क्षेत्र के तहत आते हैं। कुछ सालों के अंदर पर्यटन गतिविधियां बढ़ने के साथ ही यहां होटलों व अन्य पर्यटन इकाइयों की संख्या बढी है। ऐसे में यहां पर कचरे की निष्पादन की गंभीर समस्या को देखते हुए अब प्रशासन इसमें किसी तरह की देरी नहीं करना चाहता है।
वर्ष 2024 में मनाली के रांगड़ी स्थित कूड़ा संयंत्र में कचरा जाना बंद होने के बाद कुल्लू जिले में कचरा निष्पादन की समस्या बनी हुई है। नगर परिषद कुल्लू और नगर पंचायत भुंतर के पास अपनी कोई डंपिंग साइट नहीं है।
क्या कहते हैं अधिकारी
कसोल में ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से एमआरएफ साइट की प्रक्रिया चल रही है। यहां पर कचरे का निष्पादन आसान हो जाएगा। छह महीने के अंदर साइट को शुरू किया जाएगा।
तोरूल एस रवीश, उपायुक्त कुल्लू।
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जंगल में किया गया था कचरा डंप
कसोल में ग्राहण के जंगल के बीच ही कचरा डंप किया गया है। कचरे को लेकर मचे बवाल के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। सोशल मीडिया पर कसोल के जंगल में कचरे के ढेर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि पार्वती घाटी के कुछ लोग इस मामले को लेकर एनजीटी में शिकायत करने की बात भी कह चुके हैं।