कुल्लू जिला के एक दिवसीय दौरे के दौरान वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने विकास कार्यों में कोताही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। वहीं, अधिकारियों के कार्यक्रम में न पहुंचने पर वन मंत्री बिफर गए। वन मंत्री ने मंच से यहां तक कह डाला कि प्रदेश में जिला कुल्लू प्रशासन सबसे निक्कमा है। प्रशासन की लापरवाही से जिला कुल्लू के गांव उभर नहीं रहे हैं। गांव अभी तक पुरानी स्थिति के दौर से ही गुजर रहे हैं। इसका खमियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस सहन नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की इस लापरवाही पर टेक एक्शन लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला के अधिकारी कार्यालय में बैठक कर ही योजनाओं बनाते हैं और योजनाएं संपूर्ण होने के बाद भी औपचारिकताएं कार्यालय में ही बैठकर होती हैं, लेकिन धरातल पर योजना खरी उतरी है या नहीं इसकी विभागीय अधिकारियों को कोई फिक्र नहीं है। वन मंत्री ने कहा कि खल्याणी स्कूल को जाने वाला रास्ता दो वर्ष पूर्व भी वैसा ही था और अब भी वैसा ही है। इस रास्ते को बनाने के लिए प्रशासन ने कोई जहमत नहीं उठाई है। यह प्रशासन की लापरवाही को साफ दर्शाता है। देश का भविष्य बनने वाले बच्चों को उबड़-खाबड़ और जोखिम भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। वन मंत्री ने कहा कि कुल्लू का प्रशासन फुटपाथ तक नहीं बना सकता है। जिन गांव को सड़कें निकाल भी दी गई हैं वे कई सालों से पक्की नहीं हुई है। वन मंत्री ने कहा कि बाराहार और बल्ह क्षेत्र के लिए पानी की स्कीम निरस्त हुई है। वह स्कीम किन कारणों से निरस्त हुई है इसकी जांच की जाएगी।
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फुटपाथ के लिए दो लाख रुपये की घोषणा
वन मंत्री ने खल्याणी स्कूल को जाने वाले उबड़-खाबड़ रास्ते के निर्माण के लिए दो लाख रुपये की घोषणा की। इस रास्ते के निर्माण के लिए वन मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए।