सुंदरनगर से मनाली तक बन रहे फोरलेन से हुए प्रभावितों ने शनिवार को कुल्लू में सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। प्रभावितों ने कहा कि उनकी मांगों को 20 फरवरी तक पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर भू-अधिग्रहण एक्ट 2013 की अवहेलना हुई तो फोरलेन निर्माण में लगे बुलडोजर और जेसीबी किसी भी हाल में नहीं चलने देंगे।
उल्लेखनीय है कि सरकार से गुस्साए फोरलेन प्रभावितों ने 11, 12, व 13 फरवरी को प्रदेश सरकार व नेशनल हाइवे अथारिटी के विरुद्ध आक्रोश रैलियां निकाली। इसका आयोजन सात खंडों मनाली, कुल्लू, स्नोर, पंडोह, बदार, बल्ह तथा सुंदरनगर में हुआ।
समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि अब फोरलेन संघर्ष समिति का यह संघर्ष प्रदेश स्तर पर फैल गया है। हमीरपुर-मंडी सड़क की प्रारंभिक 3-डी की नोटिफिकेशन नेशनल हाइवे अथॉरिटी एक्ट 1956 के अनुसार की गयी है। वहीं परवाणू-शिमला नेशनल हाइवे से हुए प्रभावितों के हकों से खिलवाड़ होने वाला है।
उन्होंने कहा कि फोरलेन संघर्ष समिति की लंबे समय से मांग थी कि जिस भूमि के अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें नये भू-अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार मुआवजा दिया जाए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि देर-सबेर प्रदेश के अन्य लोग भी इससे प्रभावित होंगे। अब सरकार उनके अधिकारों की अनदेखी नहीं कर सकती क्योंकि जल्द ही पूरा प्रदेश सरकार के तानाशाही रवैये के विरुद्ध उठ खड़ा होने वाला है।
इस अवसर पर महासचिव ब्रजेश महंत, कोषाध्यक्ष मंगत राम शर्मा, मनाली खंड के अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर, कुल्लू खंड के अध्यक्ष विनोद महंत, दिनेश सेन आदि समेत कई लोग मौजूद थे।