उचित मुआवजे के लिए फोरलेन प्रभावित अब सड़कों पर उतरेंगे। इसी कड़ी में 23 मई को फोरलेन प्रभावित कुल्लू में एक बड़ी विरोध रैली का आयोजन करने जा रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में फोरलेन प्रभावित हिस्सा लेंगे। प्रभावितों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता तब तक वे अपनी भूमि पर सरकारी बुलडोजर और जेसीबी नहीं चलेने देंगे।
नागचला से मनाली तक फोरलेन के निर्माण के टेंडर आबंटन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक कोई भी प्रभावितों को यह बताने के लिए तैयार नहीं है कि उन्हें उनकी भूमि का क्या मुआवजा मिलेगा। फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर का कहना है कि फोरलेन की जद में आने से विस्थापित होने वाले लोगों का कैसे पुनर्वास होगा। इसके लिए कोई भी प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि टेंडर आबंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन फोरलेन की जद में आने वाले घरों का न ही आकलन किया गया है न ही किसानों और बागवानों की बहुमूल्य भूमि का। फोरलेन प्रभावित एक विरोध रैली के माध्यम से सरकार को आगाह करेंगे कि मांगे पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।