उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता कर्ण देव बौद्ध और प्रीतम ठाकुर ने रविवार को मनाली के आलू ग्राउंड से पदयात्रा शुरू की। यह पदयात्रा लाहौल के किसानों की समस्याओं और मांगों को शिमला से होते हुए दिल्ली तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।
उन्होंने कहा कि लाहौल घाटी में आधुनिक सब्जी मंडी की मांग करीब 20 वर्षों से लंबित है। हर वर्ष बजट में मंडी के लिए प्रावधान करने और शिलान्यास की बात होती है, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सेब, मटर और अन्य सब्जियों के सीजन में समय पर उचित बाजार नहीं मिलने से कई बार किसानों की उपज खराब हो जाती है।
महंगे परिवहन के कारण फसल को मंडियों तक पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। पदयात्रा के दौरान मयाड़ घाटी की सड़क को सीमा सड़क संगठन के अधीन करने की मांग भी उठाई जाएगी। इसके अलावा लाहौल के जिन गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, वहां संचार सुविधाओं को बेहतर करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी जाएगी। संवाद