जिले में गर्मी का असर बढ़ते ही पौधों में तेज हो रही फ्लावरिंग की प्रक्रिया
लगातार दूसरे साल झेलनी पड़ रही मौसम की मार, पिछले वर्ष भी यही थी स्थिति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। फरवरी के तीसरे सप्ताह में प्लम के पौधों में फूल खिल गए हैं। करीब एक से दो सप्ताह पहले ही पौधों में फूल आने शुरू हो गए हैं। जैसे-जैसे कुल्लू में गर्मी का असर बढ़ रहा है। प्लम के पौधों में फूल खिलने की प्रक्रिया तेज होती जा रही है। लगातार दूसरे साल बागवानों को मौसम की मार झेलनी पड़ी है। पिछले साल भी इसी तरह की ही स्थिति बनी थी।
माना जा रहा है कि इस बार सर्दियों के दौरान बारिश और बर्फबारी कम हुई है। बागवानों को आगामी फसल की चिंता सताने लगी है।
जिले के निचले क्षेत्रों हुरला, थरास, बजौरा और आसपास के इलाकों में प्लम के पौधों में फूल आ रहे हैं। इसके साथ ही कई अन्य निचले क्षेत्रों में भी फ्लावरिंग देखी जा सकती है। बागवान आगामी फसल को लेकर चिंतित हैं। बागवानों का मानना है कि मौसम इस बार बागवानों के अनुकूल नहीं रहा है। बागवान रमेश कुमार, अमर चंद ठाकुर, नितिन भंडारी और सर्वदयाल ठाकुर ने कहा कि प्लम के पौधों में फूल खिलना शुरू हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में कम बारिश और बर्फबारी का असर बगीचों में प्लम की फ्लावरिंग पर देखने को मिल रहा है। कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि कुल्लू जिला के बागवानाें की नजरें मौसम पर हैं। प्लम में फूल खिलना शुरू हो गए हैं।
प्लम के पौधाें में फ्लावरिंग शुरू हो गई है। मौसम में बदलाव के चलते इस तरह की स्थिति बन रही है। फ्लावरिंग के बाद मौसम का साफ रहना जरूरी है, अन्यथा सेटिंग प्रभावित हो सकती है।
- देविना वैद्य, एसोसिएट निदेशक, क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र बजौरा