कुल्लू। जनजातीय क्षेत्र पांगी की ग्राम पंचायत पुर्थी में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से वितरित आटे में कीड़े मिलने का मामला सामने आया है। उपभोक्ता ने घर पहुंचकर आटे की बोरी खोली तो उसमें कीड़े रेंगते मिले। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वीडियो में बोरी पर सितंबर 2026 की उत्पादन तिथि दर्ज दिखाई दे रही है। ऐसे में उत्पादन के करीब 21 दिन बाद ही आटे में कीड़े मिलने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। आटे की वास्तविक गुणवत्ता सैंपल की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जानकारी के अनुसार पुर्थी स्थित खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के स्टोर में कुल्लू से एक ट्रक के माध्यम से करीब 300 बोरियां आटा पहुंचा था। इनमें से करीब 50 बोरियां 19 सितंबर को उपभोक्ताओं को वितरित की गईं। इन्हीं में से एक उपभोक्ता ने घर जाकर बोरी खोली तो उसमें कीड़े मिले। इसके बाद बनाए गए वीडियो के सामने आने पर प्रशासन हरकत में आया।
प्रशासन ने कुल्लू से पहुंची करीब 300 बोरियों को सीज करने के आदेश जारी किए हैं। अब इन बोरियों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। वहीं, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग चंबा की ओर से इंस्पेक्टर की अगुवाई में एक टीम मंगलवार को पांगी भेजी जा रही है।
वितरित और स्टोर की बोरियों से लिए जाएंगे सैंपल
जांच टीम उपभोक्ताओं को वितरित किए गए आटे की बोरियों से सैंपल लेगी। इसके अलावा स्टोर में रखी अन्य बोरियों के भी सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आटे की गुणवत्ता में वास्तविक समस्या क्या है और कीड़े मिलने की वजह क्या रही।
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उपमंडल दंडाधिकारी पांगी अमनदीप सिंह ने बताया कि जैसे ही मामला उनके ध्यान में आया, उन्होंने विभाग को संबंधित ट्रक से आई पूरी आटे की सप्लाई को सीज करने के आदेश जारी किए। उन्होंने बताया कि आटे की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।
.....खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग चंबा के इंस्पेक्टर मनोज ने बताया कि वह मंगलवार को स्वयं पांगी के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर पहुंचकर स्टोर का निरीक्षण किया जाएगा। जिन-जिन उपभोक्ताओं को सेल्समैन की ओर से आटे की सप्लाई वितरित की गई है, उनके सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पांगी में सरकारी आटे की बोरी में रेंगत हुए कीड़े। स्त्रोत, जागरूक पाठक