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Kullu News: एसकेकेटी सड़क पर बनेंगे पांच पुल, सुचारु बनेगी आवाजाही

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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) सड़क पर थंगिनी नाले के अलावा धरवास, शुगलवास, कड़ुनाला और जंगल कैंप में चार नए पुल बनेंगे। इनके निर्माण से पांगी घाटी की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की कवायद के बाद यह सामरिक सड़क 12 महीने बेरोकटोक चलने वाली लाइफलाइन बन जाएगी। तीन घंटे तक का सफर भी कम हो जाएगा।
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वर्तमान समय में मानसून और गर्मियों में धरवास, शुगलवास, कड़ुनाला और जंगल कैंप के नालों में जलस्तर बढ़ते ही घंटों जाम लग जाता है। कई बार दो से तीन दिनों तक सड़क बंद रहती है। चारों जगह पुल बनने से बरसाती नालों में लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा। उदयपुर से किलाड़ पहुंचने में छह से सात घंटे लगते हैं।
इसका मुख्य कारण हर नाले पर रुकना, पानी कम होने का इंतजार करना है। पुल बनने के बाद यही सफर चार घंटे में पूरा होगा। रात के समय भी आवाजाही संभव होगी, जो अभी नहीं होती है। स्थानीय लोगों, पर्यटकों और किसानों-बागवानों को पुल बनने से राहत मिलेगी। इस संबंध में बीआरओ के 94 आरसीसी के मेजर पारस ने कहा कि 140 किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा कर टारिंग की जा रही है। थंगिनी नाले पर 35 मीटर लंबे पुल का काम अगले साल तक पूरा होगा। इसके साथ ही धरवास, शुगलवास, कड़ुनाला और जंगल कैंप में पुलों की योजना प्रक्रियाधीन है। कहा कि पुल बनने से यह ऑल-वेदर सड़क बन जाएगी।
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एंबुलेंस नहीं फंसेगी, बचेगी जान
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पांगी से रेफर होने वाले गंभीर मरीजों को केलांग या कुल्लू ले जाने में सबसे बड़ी दिक्कत यही नाले पैदा करते हैं। बरसात में एंबुलेंस अक्सर धरवास और कड़ुनाला में फंस जाती है। पुल बनने से गोल्डन आवर में मरीज अस्पताल पहुंच पाएगा।
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सेना की गाड़ियां नहीं रुकेंगी, बढ़ेगी सामरिक ताकत
यह सड़क हिमाचल को जम्मू-कश्मीर से जोड़ती है। सैन्य काफिले के लिए अभी हर नाले ब्रेकर हैं। नए पुल बनने से सेना की गाड़ियों की आवाजाही दोगुनी तेज होगी। अटल टनल बंद होने की स्थिति में यह सड़क सेना के लिए सबसे भरोसेमंद बैकअप बनेगी।
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