अब जल्द ही शाक्टी मरौड निवासियों के सपनों को हकीकत की उड़ान मिलने वाली है और उनका दशकों से संजोया सपना पूरा होगा। जिला कुल्लू के दुर्गम क्षेत्र शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ के लोगों ने दशकों से अपने घरों को बिजली से रोशन करने का सपना संजोए रखा है और 21वीं सदी में ग्रामीणों का सपना हकीकत में बदलने जा रहा है।
केंद्र सरकार ने जिला कुल्लू के गांवों को रोशन करने के लिए दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना स्वीकृत की है। इसमें लगभग 10 करोड़ की धनराशि खर्च की जा रही है। स्वीकृत राशि का दस प्रतिशत बोर्ड को मिल चुका है। बिजली बोर्ड ने शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ के गांवों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। टेंडर प्रक्रिया बाकी रह गई है। तीन गांव में तीन ट्रांसफार्मर लगेंगे। बिजली बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इस योजना का कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वे कर तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। टेंडर होते ही कार्य युद्ध स्तर पर छेड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि अब क्षेत्र के लोगों को अपने आशियानों के जल्द रोशन होने की उम्मीद जगी है। कुछ ही समय के भीतर शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ तक बिजली की लाइन बिछाने का कार्य आरंभ होने वाला है। बिजली की लाइन विछने के बाद शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ के लोगों के घर पहली बार रोशनी से जगमगा उठेंगे। बिजली बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले एचटी लाइन बिछाने के लिए जंगल में सैकड़ों पेड़ आड़े आ रहे थे। लाइन बिछाने के लिए पेड़ों को काटा जाना था। इसके चलते पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति नहीं मिल रही थी। लेकिन अब विद्यतु बोर्ड ने एबी केबल (एयर बाचंड़ केबल) बिछाने की योजना केंद्र सरकार को भेजी थी। इसमें न तो जंगल से पेड़ कटेंगे और न ही इससे करंट लगने का खतरा होगा। ऐसे में सैकड़ों पेड़ कटने से भी बच जाएंगे।
दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत तीनों गांवों को रोशन किया जा रहा है। योजना के तहत स्वीकृति मिल चुकी है। गांवों को बिजली से जोड़ने के लिए हाल में में सर्वे पूरा कर लिया गया है। तीनों गांवों में तीन ट्रांसफार्मर लगेंगे। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही विद्युत लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा।
प्रवेश ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, बिजली बोर्ड कुल्लू वृत्त