नेपाल मूल के विकास वोहरा बहादुर अपनी पत्नी कमला वोहरा, तीन बच्चों मनीषा 10 वर्ष, जानिशा 6 वर्ष और दो माह के शिशु महेश के साथ दी कोठी चौंग एग्रीकल्चर सर्विस सोसायटी के भवन में बतौर किरायेदार रह रहे थे। यह परिवार करीब तीन वर्षों से यहां रह रहा था। विकास वोहरा बहादुर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। बीती रविवार रात को परिवार खाना खाने के बाद कमरे में कुंडी लगाकर सो गया था।
बताया जा रहा है कि रात को सिलिंडर से गैस लीक होती रही। सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे विकास वोहरा ने उठते ही बीड़ी जलाने के लिए लाइटर जलाया तो पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। चीख पुकार मचते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। छत के एक हिस्से को तोड़कर बड़ी मुश्किल से घायलों को निकाला गया। पंचायत जल्लूग्रां के प्रधान देविंद्र शर्मा ने कहा कि इस घटना के बाद गांव के लोग सहम गए हैं। घायलों को उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल पहुंचाया गया है। एक ही परिवार के पांच लोग घटना में झुलसे हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता राशि दे। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव चौहान ने कहा कि पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है।