उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कृषि विज्ञान केंद्र कुकुमसेरी में शनिवार को किसानों को प्राकृतिक खेती पर जागरूक किया। कृषि विशेषज्ञ डॉ. सुशांत कुमार, शबनम कटोच और राधिका नेगी ने किसानों को रसायन मुक्त खेती, जैविक खाद बनाने, जीवामृत-बीजामृत के उपयोग और कम लागत में अधिक उत्पादन की जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र कुकुमसेरी के विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान न केवल लागत कम कर सकते हैं, बल्कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति भी बचा सकते हैं। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। संवाद