कुल्लू। जिले में किसान फलों के साथ बेमौसमी सब्जियों की खेती भी कर रहे हैं। विशेषकर फूलगोभी और बंदगोभी की बेमौसमी फसल अच्छी आय का जरिया बन रही है। कुल्लू, नग्गर, भुंतर और बंजार विकास खंडों में सैकड़ों किसान वैज्ञानिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के साथ नकदी फसलों का उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
परवी गांव के किसान शेर सिंह ने कहा कि सब्जी मंडी में उन्हें फूलगोभी और बंदगोभी के अच्छे दाम मिल रहे हैं। बड़ी सुविधा यह है कि उत्पाद बेचने के लिए उन्हें दूर नहीं जाना पड़ता। सोयल के मोहन लाल और मलाह के छापे राम ने कहा कि जिले के सैकड़ों किसान नकदी फसलों को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहे हैं।
वैज्ञानिक सलाह, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं और बाजार की उपलब्धता ने किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक कृषि की ओर प्रेरित किया है। इस संबंध में कृषि विभाग की उपनिदेशक रीतु गुप्ता ने कहा कि विभागीय अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों से मिलने वाला परामर्श खेती के उत्पादन को बढ़ा रहा है। उन्हें फसल चयन, बीज, रोग एवं कीट नियंत्रण, सिंचाई और उत्पादन तकनीक की जानकारी दी जा रही है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार हो रहा है।
........
जिले में वर्तमान में लगभग 550 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलगोभी और बंदगोभी का उत्पादन होता है। इनमें 350 हेक्टेयर में फूलगोभी और 200 हेक्टेयर में बंदगोभी की खेती की जा रही है। इससे करीब 1,100 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। जिले में उत्पादित सब्जियां हिमाचल के अलावा उत्तर भारत के कई राज्यों के बाजारों तक पहुंचती हैं।
000