घाटी में पीडब्ल्यूडी ने की 20 मशीनों और 100 से अधिक कामगारों की तैनाती
बर्फबारी में 134 संपर्क सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों झेलनी पड़ती है परेशानी
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। सर्दियों में बर्फ की चादर बिछते ही लाहौल घाटी की सड़कें ठप न हों, इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने 20 मशीनों और 100 से अधिक कामगारों की फौज तैनात कर दी है।
मयाड़, नैनगार, योचे और कारदंग जैसे दुर्गम गांवों तक आवाजाही बनी रहे, इसी प्राथमिकता के साथ विभाग बर्फबारी के बाद सड़कों की बहाली पर तुरंत काम शुरू करेगा।
सर्दी के मौसम में सड़कों की बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग ने तैयारी कर ली है। चिनाब मंडल उदयपुर के साथ लाहौल और सिस्सू मंडल में करीब 20 मशीनों के साथ 100 से अधिक मल्टी टास्क वर्करों को भी बर्फबारी से निपटने के लिए तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं।
जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में लोक निर्माण विभाग के अधीन 134 संपर्क सड़कें हैं। भारी बर्फबारी की सूरत में सभी संपर्क सड़कें यातायात के लिए बाधित हो जाती हैं। खासकर मयाड़ घाटी के लोगों को खंजर गांव से उदयपुर तक आने में करीब 32 किलोमीटर, नैनगार गांव के लोगों को मूरिंग जीरो पॉइंट से नैनगार तक 15 और योचे गांव के लोगों को गांव से दारचा तक आने में 12 किलोमीटर का एकतरफा सफर करना पड़ता है। भारी बर्फबारी होने पर दुर्गम क्षेत्र के इन गांव के लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है। विभाग बर्फबारी के बाद तमाम सड़कें चरणबद्ध तरीके से यातायात के लिए बहाल करेगा।
सर्दी के मौसम में बर्फबारी से निपटने को विभाग ने 20 मशीनों के साथ 100 से अधिक कामगारों को अलर्ट कर दिया है। निजी मशीनों को भी हायर किया गया है। - पवन राणा, अधिशासी अभियंता, चिनाब मंडल उदयपुर