राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में पर्यावरणीय साक्षरता पर आयोजित कार्यशाला में उपस्थित मुख्यातिथि,
डिब्लिंग तकनीक से पौधा तैयार करने का भी दिया सुझाव
कुल्लू कॉलेज में पर्यावरणीय साक्षरता पर हुई कार्यशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मानव जीवन के लिए पर्यावरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्यावरण संरक्षण सरकार की नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है। इसके लिए सामाजिक सहभागिता का होना जरूरी है।
यह बात सिंडिकेट बैंक के सेवानिवृत्त सहायक महाप्रबंधक पर्यावरणविद वीर सिंह राणा ने कही। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए किए गए व्यक्तिगत प्रयासों से प्रतिभागियों को परिचित कराया और सोशल प्लांटेशन की अपील की। डिब्लिंग तकनीक से पौधा तैयार करने का सुझाव दिया। कुल्लू कॉलेज में पर्यावरणीय साक्षरता पर कार्यशाला हुई। इसका शुभारंभ पर्यावरणविद वीर सिंह राणा ने किया। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सोशल प्लांटेशन का पाठ पढ़ाया। दूसरे सत्र में प्रतिभागियों को ग्रीन ऑडिट से अवगत करवाया गया।
वन मंडलाधिकारी बंजार मनोज कुमार ने वन संरक्षण पद्धतियां शीर्षक पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल का 25 प्रतिशत क्षेत्र वन आच्छादित है। यह भारत का चौथा सबसे बड़ा वन क्षेत्र है। वन आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के वास्तविक मित्र हैं। वन से न केवल स्वच्छ वातावरण मिलता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर ईको पर्यटन के रूप में रोजगार के साधन भी उपलब्ध होते हैं। प्राचार्य डाॅ. राकेश राणा ने पर्यावरण में आ रहे बदलावों को रेखांकित किया। कार्यशाला के समन्वयक सोम नेगी के अलावा डॉ. नंदिनी ठाकुर, डाॅ. रामनाथ, प्रो. राजकुमार, डाॅ. निर्मल चौहान, डाॅ. मनीष सूद, डाॅ. हरी सिंह ठाकुर, डाॅ. शीतल ठाकुर, डाॅ. अनुपमा कटोच, डॉ. सपना वर्मा आदि उपस्थित रहे।