530 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, 403 किए जाएंगे अपग्रेड
तीन नए पावर स्टेशन बनेंगे, सात की बढ़ाई जाएगी क्षमता
बरसात, सर्दियों में गुल नहीं होगी बत्ती, लाखों लोगों को मिलेगी सुविधा
रोशन ठाकुर
कुल्लू। जिला कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति में अब बिजली की समस्या परेशान नहीं करेंगी। खासकर सर्दियों में बर्फबारी और बरसात के मौसम में भारी बारिश होने से इन जिलों में बिजली ठप हो जाती है।
200 करोड़ रुपये की लागत से बिजली का सुधार, नवीनीकरण और विस्तारीकरण किया जाएगा। केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत कई बिजली की लाइनें अपग्रेड होंगी। इस योजना का लक्ष्य वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना और सुधारों को लागू कर तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों को कम करना है।
बिजली बोर्ड ने टेंडर भी जारी कर दिए हैं। कोकसर से सिस्सू तक भूमिगत नई बिजली की लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए कुल्लू बिजली बोर्ड के पूरे सर्किल में 530 बिजली के नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। 403 बिजली ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड कर उनमें बिजली की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा बिजली के तीन नए पावर सबस्टेशन स्थापित होंगे। वर्तमान में चल रहे सात पावर सब स्टेशन को भी अपग्रेड किया जााएगा। इसके अतिरिक्त नई एचटी लाइनों के साथ, एलटी लाइनें, 33 केवी की नई लाइनें, वर्तमान में 33 केवी की लाइनें, नई 11 केवी लाइनें सहित मौजूदा 11 केवी लाइनों का संवर्धन किया जाएगा।
बता दें कि बिजली बोर्ड के कुल्लू सर्किल के तहत कुल्लू जिले के साथ मंडी का द्रंग, बालीचौकी क्षेत्र और लाहौल घाटी भी आती है। बरसात और सर्दियों के दिनों में सबसे अधिक बिजली की समस्या इन्हीं इलाकों में रहती है। बिजली बोर्ड सर्किल कुल्लू के अधीक्षण अभियंता आरएस ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत बिजली व्यवस्था सुदृढ़ होगी। इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए गए हैं।