केंद्र सरकार की आरडीएसएस के तहत बिछाई जाएंगी बिजली की भूमिगत लाइनें
72 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। 64 को अपग्रेड कर सुदृढ़ होगी बिजली की क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बिजली सुविधा को बेहतर बनाने के लिए करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे है। बिजली बोर्ड के कुल्लू सर्किल के तहत मंडी जिले का द्रंग और बालीचौकी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी चकाचक होगी।
केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत इन इलाकों में 31.86 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
खासकर सर्दी और बरसात के मौसम में बिजली बार-बार बाधित नहीं होगी। द्रंग और बालीचौकी में बिजली का सुधार, नवीनीकरण और विस्तारीकरण होगा। केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना के तहत खराब बिजली की लाइनें अपग्रेड की जाएंगी।
इसके लिए बिजली बोर्ड ने टेंडर लगा दिए हैं। कई जगहों पर काम भी शुरू हो गया है। करीब चार किलोमीटर में भूमिगत नई बिजली लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके अलावा 72 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे। 64 ट्रांसफार्मरों को अपग्रेड कर बिजली की क्षमता को सुदृढ़ किया जाएगा। बिजली की कम वोल्टेज को बेहतर करने के लिए एक नया पावर सब स्टेशन भी स्थापित होगा और एक पावर सब स्टेशन अपग्रेड होगा।
वहीं इन क्षेत्राें में नई एचटी लाइनों के साथ, एलटी लाइनें, 33 और 11 केवी की नई लाइनें बिछाई जाएंगी। वर्तमान में 33 केवी और 11 केवी लाइनों को अपग्रेड कर संवर्धन भी होगा।
बिजली बोर्ड कुल्लू सर्किल के अधीक्षण अभियंता आरएस ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत बिजली को नई तकनीक से सुदृढ़ किया जाएगा। मंडी के द्रंग और बालीचौकी में इस पर 31.86 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है।