घाटी में बिजली के 250 से अधिक ट्रांसफार्मर अभी भी पड़े हैं बंद
एसकेटीटी सड़क बहाली का कार्य शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। बर्फबारी के बाद मौसम अनुकूल होते ही बिजली और सड़क बहाली के प्रयास तेज हो गए हैं। बिजली के बंद पड़े ट्रांसफार्मर की बहाली के लिए बोर्ड के कर्मचारी युद्धस्तर पर काम को अंजाम दे रहे हैं।
सीमा सड़क संगठन की 94 आरसीसी ने तांदी-संसारीनाला 140 किमी लंबी (एसकेटीटी) सड़क की बहाली का कार्य शुरू कर दिया है।
घाटी में बिजली बोर्ड के 208 ट्रांसफार्मर में केलांग और उदयपुर मंडल में 44 ट्रांसफार्मर बंद चल रहे हैं। ट्रांसफार्मर बहाल के लिए कर्मचारियों को भारी बर्फबारी के बीच कदमताल करनी पड़ रही है। उदयपुर सब डिविजन में सलग्रां, तिंदी पंचायत के साथ समूची मयाड़ घाटी, मूरिंग पंचायत के दुर्गम गांव चोखंग, गवाड़ी, छोगजिंग और नैनगार क्षेत्र में बर्फबारी से तारों और खंभों को नुकसान हुआ है। बुधवार को घाटी में मौसम अनुकूल रहने पर बीआरओ ने तांदी-संसारीनाला सड़क की बहाली का प्रयास किया। यह सड़क लाहौल और पांगी घाटी को किश्तवाड़ के रास्ते जम्मू से भी जोड़ती है। उदयपुर में तैनात बीआरओ सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी के कमांडिंग ऑफिसर मेजर पारस कोछड़ ने बताया कि उदयपुर से थिरोट, तांदी से लोट और धांदल से तिंदी तक सड़क यातायात के लिए खोल दिया है। परिस्थितियां अनुकूल रहने पर इस सड़क को जल्द यातायात के लिए लिए खोल दिया जाएगा। केलांग-मनाली सड़क बहाली का कार्य भी चल रहा है। विधायक अनुराधा राणा ने बीआरओ और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के प्रयासों को सराहा है। उन्होंने कहा कि घाटी में जनजीवन पटरी पर लाने के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं।